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पाकिस्तान ऑनलाइन ऐप्स के जरिए कर रहा ब्रेनवाश, 37 बच्चों का निकला ISI कनेक्शन

Pakistan Spy Network India: भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने ISI के एक नए और खतरनाक जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें 14–17 साल के नाबालिगों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ब्रेनवॉश कर शामिल किया जा रहा था।

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भारत

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Devika Chatraj

Jan 07, 2026

पाकिस्तान अपना रहा नया हथकंडा (File Photo)

ISI Brainwashing Teenagers: भारत में व्हाइट कॉलर टेररिज़्म के मामलों के बीच अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक और गंभीर चुनौती उभरकर आ रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर आरोप है कि वह 14 से 17 साल के नाबालिगों को अपने जासूसी नेटवर्क में शामिल कर रही है। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों की हालिया जांच में हुआ है, जिससे पूरा सिस्टम को अलर्ट मोड पर है।

37 से ज्यादा नाबालिग ISI से कनेक्टेड

सूत्रों के मुताबिक अब तक ISI से जुड़े इस टीनएज स्पाई नेटवर्क में 37 से अधिक नाबालिगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 12 किशोर पंजाब और हरियाणा से हैं, जबकि लगभग 25 नाबालिग जम्मू-कश्मीर से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अनकन्वेंशनल ऐप्स के जरिए निशाना बनाया गया।

पठानकोट से हुआ बड़ा खुलासा

इस खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब पठानकोट पुलिस ने दो दिन पहले एक 15 वर्षीय लड़के को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि ISI हैंडलर्स ने कई किशोरों को डिजिटल माध्यम से ब्रेनवॉश कर अपने लिए काम पर लगाया था।

सुरक्षा ठिकानों की जासूसी करवा रही थी ISI

जांच में खुलासा हुआ है कि इन नाबालिगों से सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें खिंचवाना, सुरक्षाबलों की मूवमेंट और काफिलों की जानकारी जुटाना, साथ ही आतंकी संगठनों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराना जैसे काम कराए जा रहे थे।

लिंक क्लिक करते ही फोन हुआ हैक

पठानकोट में पकड़े गए नाबालिग के फोन को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने एक खतरनाक साइबर तकनीक से क्लोन कर लिया था। ISI की ओर से भेजे गए एक लिंक पर क्लिक करते ही उसका मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया और फोन में मौजूद सारा डेटा सीधे ISI ऑपरेटिव्स तक पहुंच गया।

जांच में सामने आ रहे चौंकाने वाले तथ्य

पठानकोट के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने इस मामले पर कहा कि जांच लगातार जारी है और इसमें कई बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बॉर्डर इलाकों में अलर्ट

इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में हाई अलर्ट पर हैं। विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में किशोरों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह ISI की नई रणनीति है, जिसमें कम उम्र के बच्चों को आसानी से बहकाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।