
हरदीप सिंह पुरी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर त्रासदी को किया याद (Photo-X @HardeepSPuri)
Partition Horrors Remembrance Day: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को वे व्यक्तिगत रूप से समझते हैं, क्योंकि उनके माता-पिता ने भी इसके दर्द और विस्थापन को झेला था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश का विभाजन इतिहास की सबसे क्रूर, पीड़ादायक और हिंसक मानवीय त्रासदियों में से एक था। उन्होंने कहा कि उस दौर से जुड़ी कहानियां आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगी।
उन्होंने लिखा कि उनके माता-पिता ने विभाजन का दंश झेला था। इसी कारण वे उन लोगों की पीड़ा को करीब से समझते हैं, जिन्हें अपने घर, जमीन और जड़ों से बेहद कठिन परिस्थितियों में उखड़कर विस्थापित होना पड़ा।
पुरी ने कहा कि विभाजन के दौरान असंख्य लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया और अपने जीवन को फिर से खड़ा किया।
इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता और परिवार के उन सदस्यों को भी याद किया, जो विभाजन के बाद सब कुछ छोड़कर भारत आए। उन्होंने बताया कि उनके पिता जैसे कई लोग केवल पहने हुए कपड़ों के साथ भारत पहुंचे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विभाजन से प्रभावित लोगों की कहानियां असाधारण मानवीय दृढ़ता और संघर्ष की मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि हमें उनके दर्द को संवेदनशीलता के साथ याद करना चाहिए, उनके साहस का सम्मान करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विभाजन के दौरान हुई भयावह घटनाओं को कभी भुलाया न जाए।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 की त्रासदी में जान गंवाने और बेघर होने वाले लाखों लोगों को याद किया। उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द आज भी लोगों के मन में गहराई से मौजूद है।
शेखावत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नक्शे पर खींची गई एक लकीर ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और असंख्य लोगों की जान चली गई। उन्होंने विभाजन को मानवता के लिए एक बड़ी त्रासदी बताते हुए कहा कि इसका दर्द उन अनगिनत भारतीयों ने सहा, जिन्होंने कोई गलती नहीं की थी।
उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान मारे गए निर्दोष लोगों का बलिदान हमें याद दिलाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, देश की एकता को बनाए रखना जरूरी है।
Updated on:
14 Aug 2026 12:14 pm
Published on:
14 Aug 2026 12:14 pm
