जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया ने कहा था कि पवन खेड़ा ने रिनिकी भुइयां शर्मा शर्मा पर आरोप लगाने के लिए जिन दस्तावेजों को आधार बनाया, वे पहले ही फर्जी साबित हो चुके हैं। कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में ये फर्जी दस्तावेज रखने का केस बनता है, इसलिए पुलिस को जांच के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।