
संजय राउत और बागेश्वर बाबा (Photo - IANS)
Sanjay Raut on Bageshwar Baba: छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, यानी बागेश्वर बाबा की टिप्पणियों पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, 'सत्ता में बैठे लोगों को भी इस बात पर गुस्सा आना चाहिए कि एक बाबा महाराष्ट्र आए और मुख्यमंत्री एवं अन्य सभी नेताओं की उपस्थिति में शिवाजी महाराज के इतिहास को बदल दिया…'।
कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी और कोई प्रतिक्रिया नहीं देने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री नाराज क्यों नहीं हुए? आरएसएस प्रमुख नाराज क्यों नहीं हुए?' राउत ने आगे कहा, 'पहले महाराष्ट्र का इतिहास और शिवाजी महाराज के बारे में पढ़ें। शिवाजी महाराज की ही देन है कि आप आज भी हिंदू के रूप में जी रहे हैं। मैं यह बात बागेश्वर बाबा को बताना चाहता हूं।'
राउत ने कहा कि बाबा बागेश्वर की टिप्पणियों में शिवाजी महाराज से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों को कथित तौर पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। ये टिप्पणियां शीर्ष राजनीतिक और संगठनात्मक नेतृत्व की उपस्थिति में की गईं।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इतिहास ज्ञान पर सवाल उठाया और उन पर महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, 'क्या उन्होंने शिवाजी महाराज का इतिहास पढ़ा है? उन्होंने जो मन में आया वही बोल दिया और महाराष्ट्र की धरती पर शिवाजी महाराज का अपमान किया।' उन्होंने आगे पूछा, 'शिवाजी महाराज का अपमान करने का अधिकार उन्हें किसने दिया? बागेश्वर बाबा का समर्थन करने वाले लोग अब कहां हैं?'
नागपुर में एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) ने छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दावा किया था कि लगातार लड़ाइयों से छत्रपति शिवाजी महाराज थक गए थे और वे समर्थ रामदास स्वामी के पास गए थे। छत्रपति शिवाजी महाराज ने संत के चरणों में अपना मुकुट उतारकर रख दिया था और उनसे राज्य के शासन की बागडोर संभालने का आग्रह किया था।
इसी दौरान उन्होंने हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की सलाह देकर नई बहस छेड़ दी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समर्पित कर देना चाहिए।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणियां इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील है, क्योंकि नागपुर के उस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भगवत और कई अन्य नेता उपस्थित थे।
Published on:
26 Apr 2026 05:06 pm
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