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महंगाई की मार: खाद्य महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के खर्च में इजाफा होने से लोग परेशान

Inflation Rate In India : खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कमरतोड़ महंगाई ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी भी परेशानी का सबब बनती जा रही है।

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Inflation Rate In India

Inflation Rate In India : खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कमरतोड़ महंगाई ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी भी परेशानी का सबब बनती जा रही है। एसबीआइ लाइफ इंश्योरेंस के फाइनेंशियल इम्यूनिटी स्टडी के मुताबिक, देश में 59 प्रतिशत लोग बढ़ती खाद्य महंगाई से परेशान हैं, जिसमें दाल-मसाले और सब्जियों के बढ़े दाम से सबसे ज्यादा परेशानी बढ़ी है। वहीं 43 प्रतिशत लोगों ने माना कि रोजाना खपत वाली चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी उनकी चिंता का प्रमुख कारण है।

स्वास्थ्य और शिक्षा के खर्च में इजाफा ने बढाई चिंता
सर्वे में 36 प्रतिशत लोगों ने बढ़ते स्वास्थ्य खर्च, 35 प्रतिशत ने शिक्षा के खर्च में इजाफा को चिंता का कारण बताया है, क्योंकि शिक्षा की महंगाई हर साल 11 से 12 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, वहीं इलाज हर साल 14 प्रतिशत महंगा हो रहा है। 24 प्रतिशत लोगों ने खराब मेंटल हालात और अपने फिजिकल हेल्थ स्टेटस को लेकर चिंता जताई है। जबकि 23 प्रतिशत लोगों को नौकरी खोने का डर है और 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके पास न तो पर्याप्त लाइफ और न ही हेल्थ इंश्योरेंस कवर है।

दलहन का रकबा 8.6 प्रतिशत घट गया
देश में मानसून की बारिश में 11 प्रतिशत की कमी आने से चालू खरीफ सत्र में दलहन की बुआई का रकबा 8.58 प्रतिशत घटकर 119.91 लाख हैक्टेयर रह गया। कृषि मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, धान की बुआई का कुल रकबा 403.41 लाख हैक्टेयर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 392.81 लाख हैक्टेयर था।

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दालों की महंगाई पर लगेगी लगाम!
दालों की बढ़ती महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार दालों की सप्लाई बढ़ाने के लिए कदम उठा सकती है। पहले ही सरकार ने कई दाल पर स्टॉक लिमिट लगा रखी है और कुछ दालों के आयात पर छूट दी है। अब त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार अपने स्टॉक से दालों की सप्लाई बढ़ा सकती है। एक महीने में ही अरहर, उड़द, मूंग और चने की कीमतों में 3 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली है। उपभोक्ता मंत्रालय के सचिव ने कहा, कनाडा से मसूर दाल और अफ्रीकी देशों से तुअर दाल का आयात बढ़ा है। घरेलू उत्पादन घटने की आशंका से भारत कनाडा व ऑस्ट्रेलिया से दाल का आयात कर रहा है।

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