
Permanent Commission In Army, Women Officer Are Still Fighting Legal Battle
नई दिल्ली। सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त करने की दिशा में बीते कुछ वर्षों में काफी काम किया गया है। कुछ समय पहले ही पीएम मोदी ने आर्मी में महिलाओं को स्थायी कमिशन देने की घोषणा की थी। लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जो बहुत ही चौंकाने वाला है।
दरअसल, आर्मी ने 28 महिला अधिकारियों को 12 सितंबर तक सेना छोड़ने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इस फैसले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आर्मी ने 615 महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन देने के लिए एक स्पेशल बोर्ड बनाया था। इनमें से कई अधिकारियों को परमानेंट कमिशन दिया भी गया है। लेकिन जिन महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन नहीं मिला, उनका आरोप है कि आर्मी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन नहीं किया है।
इसी आरोप के तहत सेना की 28 महिला अधिकारियों ने आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल से गुहार लगाई है और न्याय की मांग की है। इस मामले पर 23 अगस्त को आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल सुनवाई करेगी। वहीं, इससे पहले ही आर्मी ने इन 28 महिला अधिकारियों को 12 सितंबर तक सेना छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
100 महिला अधिकारियों को नहीं मिला स्थायी कमिशन
इस पूरे मामले पर एक महिला अधिकारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि आर्मी ने स्थायी कमिशन देने के लिए हमारी सर्विस के शुरू के पांच साल को ही माना और परमानेंट कमिशन देने से इनकार कर दिया है। महिला अधिकारी ने कहा कि स्थायी कमिशन देने के लिए हमारे ओवरऑल प्रोफाइल को कंसीडर किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे रिकॉर्ड के आधार पर ही पहले पांच साल और फिर 10 साल बाद एक्सटेंशन दिया गया। अब यदि हमसब अनफिट होते तो क्या हम यहां तक पहुंचते। जिन 28 महिला अधिकारियों को सेना छोड़ने के लिए कहा गया है उनमें से अधिकतर ने 20 साल से अधिक सर्विस की है।
महिला अधिकारी ने दावा किया है कि अभी तक 100 महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन नहीं दिया गया है। इनमें से 72 का परिणाम अलग-अलग कारणों से रोक दिया गया है, जबकि 14 जुलाई को रिजल्ट आने के बाद 15 जुलाई को ही आर्मी ने लेटर जारी करते हुए 28 अधिकारियों कों 12 सितंबर तक सेना छोड़ने को कहा है।
अब तक 424 को मिला स्थायी कमिशन
बता दें कि पिछले महीने आर्मी ने एक बयान जारी करते हुए कहा था कि 147 और महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन दिया गया है। इसके साथ ही अब तक कंसीडर किए कुल 615 में से 424 को परमानेंट कमिशन दे दिया गया है।
सेना ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आर्मी ने महिला अधिकारियों के लिए स्पेशल बोर्ड बैठाया था। इसमें से कुछ महिला अधिकारी स्क्रीनिंग में बाहर हो गई थी। हालांकि कोर्ट ने उन सभी मामलों को फिर से देखने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद 147 और महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन दिया गया है।
इंडियन आर्मी के अनुसार, जिन महिला अधिकारियों को स्थायी कमिशन के लिए कंसीडर किया गया, लेकिन सफल नहीं हो पाईं, वह सभी महिला अधिकारी कम से कम 20 साल की सर्विस के बाद पेंशन का लाभ ले सकेंगी।
Updated on:
22 Aug 2021 07:27 pm
Published on:
22 Aug 2021 07:18 pm

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