
PFI new plan revealed to run its agenda agenda against country (File Pic)
देशभर में पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ NIA एक्शन ले रही है। उससे जुड़े लोगों और ठिकानों पर छापेमारी और गिरफ़्तारी कर रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस एक्शन लेकर आज एक अहम बैठक भी की। आगे भी इस संगठन के खिलाफ और सख्त एक्शन लिए जा सकते हैं। PFI को भी ये अंदेशा था कि उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और शायद यही कारण है कि उसने अपने साजिशों को अंजाम देने के लिए पहले से ही योजना बना रखी है। इसका खुलासा खुद तेलंगाना पुलिस ने कोर्ट में भी किया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक PFI ने अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए एक दो नहीं, बल्कि कई विंग बना रखे हैं। उसे पहले से अंदेशा था कि उसे बैन किया जा सकता है। उसने कई विंग अलग अलग नामों से धीरे धीरे बनाए थे। उसके नए प्लान के मुताबिक यदि उसपर सरकार बैन लगाती है तो वो देश के खिलाफ अपने एजेंडे को नए नाम से अंजाम देगा। इस संगठन का काम वही रहेगा, लेकिन नाम अलग होगा। तेलंगाना पुलिस ने कोर्ट में भी PFI के नए प्लान का खुलासा किया है और उसके विंग के नामों की लिस्ट भी कोर्ट में पेश की।
पीएफआई के स्लीपर सेल के खिलाफ देश भर में सरकार का एक्शन काफी समय से जारी है। इस बीच इस संगठन ने अपने विस्तार पर जोर दिया जिससे स्पष्ट है कि पीएफआई ने सरकारी एजेंसियों से बचने और अपने एजेंडे को फैलाने के लिए कई विंग लॉन्च किए।
गौर करें तो इसके विंग कुछ इस प्रकार हैं:
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ऑफ इंडिया (SDPI), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), नेशनल वुमन फ्रंट (NWF) , ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), ऑल इंडिया लीगल काउंसिल (AILC), रेहाब इंडिया फाउंडेशन (RIF), सोशल डेमोक्रेटिक ट्रेड यूनियन (SDTU), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट ऑर्गेनाइजेशन (NCHRO).
इसे ऐसे समझिए, जैसे SIMI पर जब बैन लगाया गया तो उसने अपने फ्रन्ट ऑर्गनाइजेशन Popular Front of India के नाम से अपने एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया। SIMI के काडर इसमें शामिल हो गए। अब PFI पर बैन लगता है तो फिर से उसके काडर उसके नए विंग में शामिल हो जाएंगे। अब यदि PFI पर बैन लगता है तो वो अन्य नाम से अपना संगठन चलाएगा और अपने एजेंडे को अंजाम देगा। इससे स्पष्ट है कि वो बैन होने के बाद भी देशविरोधी गतिविधियों पर काम करता रहेगा।
बता दें कि वर्ष 2016 में जब NIA ने उत्तरी केरल के कन्नूर में कनकमाला में एक गुप्त बैठक पर छापा मारा तो हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आई थी। उस समय सामने आया था कि ये संगठन आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) से प्रेरित होकर, युवाओं को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और विभिन्न समुदायों के बीच अशांति फैलाने के लिए भड़का रहा था।
उसके बाद से कई मामलों में इसके लिंक और एजेंडों का खुलासा हुआ जिसके बाद इस संगठन के खिलाफ जांच एजेंसियां सख्त हैं। अब PFI के ठिकानों पर हो रही छापेमारी और गिरफ़्तारी पर भी सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने PFI पर टेरर फंडिंग, ट्रेनिंग कैंप और संगठन में शामिल लोगों को उकसाने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा देशभर में कई जगहों पर हुए दंगों में भी उसका लिंक सामने आया है जिसके बाद से केंद्र सरकार लगातार इस संगठन के खिलाफ एक्शन ले रही है।
Updated on:
22 Sept 2022 06:38 pm
Published on:
22 Sept 2022 06:35 pm
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