16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केरल चुनाव से पहले दिल्ली में बड़ी हलचल! PM मोदी से मिले ग्रैंड मुफ्ती, क्या दक्षिण में बदलेगा समीकरण?

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और शिक्षा सुधार में उनके प्रयास सराहनीय हैं।'

2 min read
Google source verification
Narendra Modi and Grand Mufti

Narendra Modi and Grand Mufti

PM Modi Meets Grand Mufti Sheikh Abubakr Ahmad: केरल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक को केरल की सियासत में बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, जहां अल्पसंख्यक समुदाय (खासकर मुस्लिम वोट बैंक) चुनावी समीकरण बदल सकता है। मुलाकात में सामाजिक सद्भाव, शिक्षा सुधार, अल्पसंख्यक कल्याण और समावेशी विकास पर विस्तृत चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद साहब के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और शिक्षा सुधार में उनके प्रयास सराहनीय हैं।'
ग्रैंड मुफ्ती ने बैठक के बाद कहा, -भारत में मुस्लिम समुदाय पूरी तरह सुरक्षित है। कोई बाधा या समस्या नहीं है। हम सब मिलकर राष्ट्र की बेहतरी के लिए काम करेंगे।' उन्होंने अपने हालिया केरल दौरे 'विद ह्यूमैनिटी' के दौरान विभिन्न वर्गों से प्राप्त चिंताओं और मांगों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। रमजान के संदेश भी साझा किए गए।

जानें कौन हैं ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद साहब

ग्रैंड मुफ्ती, जिन्हें कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार के नाम से जाना जाता है, सुन्नी मुस्लिम समुदाय के प्रमुख विद्वान हैं। वे ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के महासचिव और समस्त केरल जमीयतुल उलेमा के नेता हैं। 2019 में उन्हें भारत का ग्रैंड मुफ्ती घोषित किया गया। उनकी संस्था जमिया मरकज साकाफाती सुन्निया (जमिया मरकज) एशिया की सबसे बड़ी इस्लामी-आधुनिक शिक्षा संस्था है, जहां 50% से अधिक महिलाएं पढ़ती हैं। उन्होंने 300+ सीबीएसई स्कूल, कॉलेज और 22 राज्यों में 130+ संस्थान स्थापित किए हैं।

बैठक में कई मुद्दों पर की चर्चा

बैठक में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, ऐतिहासिक मस्जिदों-इस्लामी स्मारकों का संरक्षण, मौलाना आजाद नेशनल फेलोशिप जैसी योजनाओं की बहाली, निर्दोषों को न्याय, उत्तर भारत के इस्लामी संस्थानों की चुनौतियां, दक्षिण भारत के तीर्थस्थलों को रेल से जोड़ना और अलीगढ़ विश्वविद्यालय के मलप्पुरम केंद्र के विकास पर चर्चा हुई। केंद्र-अल्पसंख्यक संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।