
भारत में अधिक से अधिक सीटें जीतने की कोशिश में लगी है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी खुद लगातार दक्षिण भारत का दौरा कर भाजपा के लिए माहौल बना रहे हैं। उन्होंने अपना पहला चुनावी साक्षात्कार भी एक तमिल टीवी न्यूज चैनल को दिया। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के साथ अपने मजबूत रिश्ते का जिक्र किया। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू की गई 'एकता यात्रा' में अपनी भागीदारी को भी याद किया था।
एकता यात्रा के आयोजक थे नरेंद्र मोदी
बता दें कि नरेंद्र मोदी इस यात्रा के आयोजक भी थे। इसी बीच पीएम मोदी की इसी यात्रा से जुड़ी कुछ पुरानी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मोदी आकाईव एक्स हैंडल पर भाजपा की 'एकता यात्रा' की अनदेखी फोटो शेयर की गई है। इस पोस्ट में बताया गया कि कन्याकुमारी से एक एकता यात्रा की शुरुआत पर नरेंद्र मोदी, तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी के अलावा महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह और राजगुरु के भाई राजिंदर सिंह एवं देवकीनंदन, परमवीर चक्र प्राप्त कांस्टेबल अब्दुल हमीद के बेटे जुबैद अहमद और अली हसन उपस्थित थे।
इसके साथ ही तस्वीर में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि इस एकता यात्रा की शुरुआत के लिए शहीद भगत सिंह और राजगुरु के भाई राजिंदर सिंह एवं देवकीनंदन, परमवीर चक्र प्राप्त कांस्टेबल अब्दुल हमीद के बेटे जुबैद अहमद और अली हसन ने वहां उपस्थित नरेंद्र मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा सौंपा था। यही ध्वज कन्याकुमारी से शुरू एकता यात्रा में साथ चली और फिर यात्रा की समाप्ति पर 26 जनवरी 1992 को कश्मीर के लाल चौक पर फहराई गई।
1991 में बीजेपी के कार्यकर्ता थे मोदी
बता दें कि दिसंबर 1991 में तमिलनाडु के कन्याकुमारी से 'एकता यात्रा' की शुरुआत की गई थी। उस वक्त नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के सिर्फ एक कार्यकर्ता थे। एकता यात्रा के जरिए भारत को एकजुट करने के लिए वह तमिलनाडु और अन्य राज्यों की प्रतीकात्मक रूप से मिट्टी लेकर आए थे। उनकी यह ऐतिहासिक यात्रा 26 जनवरी 1992 को कश्मीर में भारतीय ध्वज फहराने के साथ समाप्त हुई थी।
14 राज्यों से होकर गुजरी थी एकता यात्रा
नरेंद्र मोदी और दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। 45 दिनों तक चली भाजपा की 'एकता यात्रा' 14 राज्यों से होकर गुजरी थी और 26 जनवरी 1992 को श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के प्रतीकात्मक कार्य के साथ समाप्त हुई थी।
Updated on:
02 Apr 2024 03:43 pm
Published on:
02 Apr 2024 03:42 pm
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