24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्किये को लगेगी मिर्ची, साइप्रस जा रहे हैं पीएम मोदी, हो सकती है बड़ी डील!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइप्रस के दौरे पर जाएंगे। उनका दौरा तुर्किये को कूटनीतिक जवाब देने के तौर पर देखा जा रहा है। तुर्किये और साइप्रस के बीच लंबे समय से सीमा विवाद है।

2 min read
Google source verification

PM मोदी

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया था। वह रह-रहकर कश्मीर का राग भी अलापता रहता है। अब भारत भी उसकी दुखती नस दबाने में जुट गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) साइप्रस जाएंगे। साइप्रस और तुर्किये (Turkey) का विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी साइप्रस विजिट करके तुर्किये को कूटनीतिक तौर पर चेतावनी देने की कोशिश करेंगे।

भारत यूरोप में बढ़ा रहा अपनी पैठ

भारत (India) यूरोप (Europe) में लगातार अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। वह यूरोपीय संघ (European Union) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी बातचीत कर रहा है। पीएम मोदी G7 की मीटिंग के लिए कडाना जाने के क्रम में साइप्रस जाएंगे। साथ ही वापसी के क्रम में वह क्रोएशिया (Croatia) का दौरा भी करेंगे। साइप्रस और क्रोएशिया दोनों ही यूरोपीय संघ के सदस्य हैं। क्रोएशिया अगले साल की पहली छमाही के लिए यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता करेगा।

मई महीने में नीदरलैंड और नॉर्वे का दौरा करने वाले थे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई महीने में नीदरलैंड, नॉर्वे और क्रोएशिया जाने वाले थे, लेकिन भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प के चलते उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया।

यह भी पढ़ें: ऑपरेशन सिंदूर के बाद ताकत बढ़ाने में जुटी भारतीय सेना, QRSAM एयर डिफेंस सिस्टम से जल्द होगी लैस, जानें इसकी खासियत

साइप्रस की यात्रा करने वाले तीसरे, क्रोएशिया जाने वाले पहले PM

नरेंद्र मोदी साइप्रस की यात्रा करने वाले तीसरे भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। उनसे पहले साल 1983 में इंदिरा गांधी और साल 2002 में अटल बिहारी वाजयपेयी ने साइप्रस का दौरा किया था। वहीं, पीएम मोदी पहली बार क्रोएशिया जाने वाले पहले भारतीय पीएम बनेंगे। एस जयशंकर 2021 में दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश का दौरा करने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री बने। जयशंकर के दौरे के बाद भारत और क्रोएशिया ने रक्षा सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।

क्या है साइप्रस और तुर्की का विवाद

तुर्किये साइप्रस विवाद मुख्य रूप से साइप्रस द्वीप के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच अंतरराष्ट्रीय पहचान, नियंत्रण और संप्रभुता को लेकर है। इसकी शुरुआत 20वीं सदी के मध्य में शुरू हुई। तब से अब तक कई बार दोनों देशों के बीच सैन्य झड़प भी हो चुकी है। साल 1974 में साइप्रस के ग्रीक समुदाय के एक तख्तापलट ने यूनान से जुड़ने की योजना बनाई। इसका विरोध करते हुए तुर्की ने साइप्रस के उत्तरी हिस्से में सैन्य हस्तक्षेप किया। जिसके बाद तुर्की ने इसे तुर्की साइप्रस गणराज्य घोषित कर दिया। जिसे सिर्फ तुर्किये ने मान्यता दी है।

यह भी पढ़ें: दुनिया सोती रही, ईरान ने कर दिया परमाणु परीक्षण, बिगड़ सकता है वैश्विक माहौल

अंतरराष्ट्रीय कानून के जरिए साइप्रस समस्या के समाधान की कोशिश

भारत ने लगातार यूएनएससी प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानून के माध्यम से साइप्रस समस्या के समाधान का समर्थन किया है। तुर्किये पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा है। वहीं, भारत ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए साइप्रस और ग्रीस दोनों के साथ संबंधों को मजबूत करने की ओर कदम बढ़ाया है।

G7 में भाग लेंगे पीएम मोदी

जी-7 शिखर सम्मेलन 15 से 17 जून तक कनाडा के अल्बर्टा के कनानास्किस में होगा। पीएम नरेंद्र मोदी अंतिम दिन आउटरीच सत्र में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने कहा कि द्विपक्षीय बैठकों को निर्धारित करने के प्रयास चल रहे हैं।