
G-20 Summit
G20 summit Guests: राजधानी दिल्ली 9 और 10 सितंबर को होने वाली G20 समिट के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली के प्रगति मैदान इलाके में G-20 शिखर सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। G20 मेंबर्स के मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जियो मेलोनी भारत पहुंची इसके बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ यहां आए। एअरपोर्ट पर उनका स्वागत केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने किया। वहीं, जॉर्जिया मेलोनी को रिसीव करने कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे पहुंचे थे। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी अपनी पत्नी के साथ दिल्ली पहुंच चुके हैं। इस शिखर सम्मलेन में 19 देशों और यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा, 9 और देशों को शिखर सम्मलेन में गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है। जी20 सम्मलेन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विश्व के 15 नेताओं से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इनमें से 3 द्विपक्षीय वार्ता पीएम आवास पर होंगी। PM मोदी आज अमरीका, बांग्लादेश और मॉरिशस से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस सम्मलेन में भाग लेने अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन शाम 6:55 बजे अपने विमान एयरफोर्स वन से दिल्ली पहुंचे रहे हैं।
G20 शिखर सम्मेलन की सिक्योरिटी में 1.30 लाख जवान
G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 19 देशों के प्रतिनिधि आ रहे हैं। इसके लिए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि इस दौरान दिल्ली में स्थानीय पुलिस के 50 हजार जवान, NSG, CRPF, CAPF और आर्मी के करीब 80 हजार जवान तैनात किए गए हैं। बड़ी संख्या में बुलेट प्रूफ गाड़ियां, एंटी ड्रोन सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, फाइटर जेट राफेल, एयरफोर्स और सेना के हेलिकॉप्टर, हवा में 80 किमी तक मार करने वाली मिसाइल, चेहरा पहचानने वाले कैमरे, दिल्ली के आसपास के 4 एयरपोर्ट अलर्ट मोड पर रखे गए हैं। आवारा पशुओं को भी कई महत्वपूर्ण स्थानों से खाली कराया गया है। कई रूटों को डाइवर्ट किया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी के मुताबिक पहली बार राजधानी में सुरक्षा का इतना बड़ा इंतजाम किया गया है।
पीएम ने ब्लॉग में G20 के बारे में क्या लिखा
"वसुधैव कुटुम्बकम – हमारी भारतीय संस्कृति के इन दो शब्दों में एक गहरा दार्शनिक विचार समाहित है। इसका अर्थ है, 'पूरी दुनिया एक परिवार है'। यह एक ऐसा सर्वव्यापी दृष्टिकोण है जो हमें एक सार्वभौमिक परिवार के रूप में प्रगति करने के लिए प्रोत्साहित करता है। एक ऐसा परिवार जिसमें सीमा, भाषा और विचारधारा का कोई बंधन ना हो। जी-20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान, यह विचार मानव-केंद्रित प्रगति के आह्वान के रूप में प्रकट हुआ है। हम One Earth के रूप में, मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक साथ आ रहे हैं। हम One Family के रूप में विकास के लिए एक-दूसरे के सहयोगी बन रहे हैं और One Future के लिए हम एक साझा उज्जवल भविष्य की ओर एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। कोरोना वैश्विक महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था इससे पहले की दुनिया से बहुत अलग है। कई अन्य बातों के अलावा, तीन महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं। पहला, इस बात का एहसास बढ़ रहा है कि दुनिया के जीडीपी-केंद्रित दृष्टिकोण से हटकर मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। दूसरा, दुनिया ग्लोबल सप्लाई चेन में सुदृढ़ता और विश्वसनीयता के महत्व को पहचान रही है। तीसरा, वैश्विक संस्थानों में सुधार के माध्यम से बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने का सामूहिक आह्वान सामने है।जी-20 की हमारी अध्यक्षता ने इन बदलावों में उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है।"
Published on:
08 Sept 2023 03:35 pm
