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PMO में दस दिन में दूसरी हाई लेवल मीटिंग, हर सेक्रेटरी को तीन मिनट में PM को करना होगा ब्रीफ

PM Modi Meeting Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय सचिवों के साथ बैठक में डीरिगुलेशन और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा करेंगे, ताकि नियमों का बोझ घटाकर कामकाज आसान बनाया जा सके।
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भारत

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Devika Chatraj

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Updated: 30 Jun 2026, 10:23 AM IST

PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (ANI)

PM Modi Bureaucratic Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक बार फिर देश की टॉप ब्यूरोक्रेसी के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। आज (मंगलवार) को होने वाली इस बैठक में सभी केंद्रीय सचिव शामिल हो सकते हैं।यह बैठक आज शाम 4:00 बजे होने वाली है। माना जा रहा है कि यह मुलाकात सरकार के डीरिगुलेशन एजेंडे को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक सुधारों को तेज करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार का साफ फोकस है कि देश में कामकाज आसान हो, नियमों का बोझ घटे और आम लोगों की जिंदगी सरल बने।

पिछली बड़ी बैठक में क्या हुआ था?

इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और केंद्रीय सचिवों के साथ एक संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की थी। उस बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर नीतिगत सुधारों और रेगुलेटरी सिस्टम को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया था कि सरकार का लक्ष्य Ease of Living और Ease of Doing Business को और मजबूत करना है, ताकि देश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ सके।

इस बार की बैठक में क्या रहेगा फोकस?

मंगलवार की प्रस्तावित बैठक में हर सचिव को लगभग तीन मिनट का प्रेजेंटेशन देने का मौका मिल सकता है। इसमें वे अपने मंत्रालय में हुए सुधारों और आगे की योजनाओं की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे।

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

  • नियम-कानूनों और अनुपालन (compliance) का बोझ कम करना।
  • सरकारी प्रक्रियाओं को आसान और तेज बनाना।
  • व्यापार करने की सुविधा (Ease of Doing Business) को सुधारना।
  • आत्मनिर्भर भारत मिशन को और मजबूत करना।
  • विभागों में चल रहे सुधारों की समीक्षा।

डीरिगुलेशन पर सरकार का बड़ा जोर

पिछले कुछ टाइम से केंद्र सरकार केंद्र और राज्यों दोनों स्तर पर नियामकीय सुधारों (Regulatory Reforms) को तेज कर रही है। इसके लिए कई समितियां और टास्क फोर्स बनाई गई हैं, जो पुराने नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाने पर काम कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सिस्टम तैयार करना है जो कम जटिल, ज्यादा पारदर्शी और जनता के अनुकूल हो।

कौन-कौन कर रहा है सुधारों की निगरानी?

हाई लेवल कमेटी (HLC-NFRR)

इस समिति की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा (Rajiv Gauba) कर रहे हैं। इस समिति का काम गैर-वित्तीय नियमों, लाइसेंसिंग सिस्टम और सरकारी मंजूरियों को आसान बनाना है।

डीरिगुलेशन टास्क फोर्स

इस टास्क फोर्स का नेतृत्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के के पाठक (K. K. Pathak) कर रहे हैं। यह टीम खासतौर पर यह देख रही है कि सरकारी कामकाज में अनावश्यक देरी और कागजी प्रक्रिया को कैसे कम किया जाए।

राज्यों तक पहुंच रहा है सुधारों का असर

सरकार ने कुछ सचिवों को राज्यों में भी तैनात करना शुरू किया है, ताकि सुधारों को सिर्फ केंद्र तक सीमित न रखा जाए बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक लागू किया जा सके। इससे केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल भी बेहतर होने की उम्मीद है।

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