
भारतीय सेना के निवर्तमान प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी विदाई समारोह में संबोधित करते हुए । ( फोटो : ANI)
General Upendra Dwivedi Farewell Ceremony : भारतीय सेना के निवर्तमान प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को रिटायर होने के मंगलवार को आयोजित विदाई समारोह में कहा आर्मी को नागरिकों के अटूट भरोसे से उसकी ताकत मिलती है। उन्होंने सेना प्रमुख की जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंपते हुए कहा, भारतीय सेना को शक्ति किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि अपने सैनिकों, कमांडरों, पूर्व सैनिकों, परिवारों और देश के नागरिकों के अटूट विश्वास से प्राप्त होती है। मैं भारतीय सेना के प्रत्येक सैनिक को नमन करता हूं।
द्विवेदी ने कहा, चार दशकों से अधिक समय तक भारतीय सेना में सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। सेना प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त करते हुए, मैं अत्यंत विनम्रता, कृतज्ञता, गर्व और संतोष से परिपूर्ण हूं। सैनिक विद्यालय से लेकर इस क्षण तक का सफर अविस्मरणीय रहा है।
जनरल द्विवेदी ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और देश के नागरिकों को उनके अटूट समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने राजधानी में स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने सेना प्रमुख की जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप दी।
भारत के नए आर्मी चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, को रेगिस्तान में ऑपरेशन और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी मिशन समेत कई क्षेत्रों का अनुभव है। इससे पहले डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के तौर पर काम कर चुके लेफ्टिनेंट जनरल सेठ, आर्म्ड कॉर्प्स के एक बेहतरीन अधिकारी हैं और उन्हें 39 साल से ज़्यादा का अनुभव है। खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पूर्व छात्र, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ दिसंबर 1986 में सेना में शामिल हुए और उन्हें आर्म्ड कॉर्प्स में कमीशन मिला।
भारतीय सेना में अपने कैरियर के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ को रेगिस्तानी संरचनाओं और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव है। लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट, विकसित क्षेत्र में एक बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी बल की कमान संभाली है।
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली और बाद में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में कार्य किया, जहाँ वे विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार थे। सेना कमांडर के रूप में, लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान दोनों की कमान संभाली थी, इस प्रकार वे भारतीय सेना के उन गिने-चुने अधिकारियों में से एक रहे, जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो परिचालन सेना कमानों की कमान संभाली।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने 1 अप्रल, 2026 को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पद संभाला था। अब वे एक अहम मोड़ पर नए आर्मी चीफ बने हैं, क्योंकि भारतीय सेना अपनी ऑपरेशनल तैयारी बेहतर बनाने, आधुनिकीकरण करने और सीमाओं पर सुरक्षा से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करने की कोशिश कर रही है। ( इनपुट: ANI)
Updated on:
30 Jun 2026 11:02 am
Published on:
30 Jun 2026 11:01 am
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