
Karnataka Political: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों दोनों प्रमुख दलों, कांग्रेस और भाजपा, में कलह कथा चल रही है। दोनों दलों को अंदरूनी गुटबाजी की फांस निकालने में पसीना निकल रहा है। कांग्रेस में जहां मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार को बदलने को लेकर बैठकें हो रही हैं तो भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को हटाकर उनके पिता और दिग्गज नेता बीएस येड्डियुरप्पा का दबदबा खत्म करने के लिए पार्टी के ही नेताओं में परस्पर जंग छिड़ी है। दोनों दलों के नेता अपने-अपने पक्ष में बेंगलूरु से दिल्ली तक माहौल तैयार कर रहे हैं।
कांग्रेस में सीएम सिद्दारमैया और डिप्टी सीएम व प्रदेशाध्यक्ष डीके शिवकुमार के बीच सीएम की कुर्सी के ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर अंदरखाने लॉबिंग जारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सख्त चेतावनी के बाद नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर पार्टी नेताओं की बयानबाजी कुछ थमी जरूर है लेकिन मौका मिलने पर समर्थक अपने नेता का सीएम पद पर दावा जरूर जता रहे हैं। चन्नपट्टण विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार सीपी योगेश्वर की जीत पर मतदाताओं का आभार जताने डीके शिवकुमार पहुंचे, तो उनके समर्थकों ने कामना की कि उनके नेता अगले सीएम बनें। मागड़ी विधायक एचसी बालकृष्ण ने साफ कहा कि शिवकुमार जल्द ही शीर्ष पद पर आसीन होंगे।
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान मंत्री सतीश जारकीहोली के समर्थकों ने उन्हें राज्य का सीएम बनने की प्रार्थना की और 'जारकीहोली अगले मुख्यमंत्री' के नारे लगाए। हालांकि जारकीहोली खुद कह चुके हैं कि वह 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद सीएम बनना चाहते हैं। दलित विधायकाें के साथ बैठक कर चुके गृह मंत्री डॉ. जी.परमेश्वर ने कहा है कि सीएम सिद्दारमैया 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, आलाकमान ने 30 माह (ढाई साल) की बात नहीं की फिर भी जो फैसला होगा स्वीकार है।
भाजपा नेताओं के एक बड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष पद से बीवाई विजयेंद्र को हटाने की मांग कर रहा है। वरिष्ठ भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यत्नाल ने कहा कि उनकी लड़ाई पार्टी को शुद्ध करने के लिए है, किसी पद के लिए नहीं। अपनी मांग को लेकर यत्नाल गुट के विधायक रमेश जारकीहोली और कुमार बंगारप्पा दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि असंतुष्ट नेता बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बंगारप्पा ने पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की, जबकि जारकीहोली ने नड्डा और कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात की।
कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत में यत्नाल ने कहा, सभी राष्ट्रीय नेताओं ने हमें बैठक के लिए समय दिया है, इसलिए चिंता न करें। यत्नाल ने कहा, हम वंशवाद की राजनीति को ना कहते हैं। अगर विजयेंद्र को एक बार फिर अध्यक्ष बनाया जाता है, तो मैं अपने बेटे के लिए भी पद की मांग करूंगा। मैं अपने बेटे को भी चुनाव में उतारने के लिए कहूंगा, क्योंकि येडियूरप्पा परिवार के तीन सदस्य पहले से ही राजनीति में हैं। एक या दो को छोड़कर लगभग सभी सांसद हमारे साथ हैं। यत्नाल ने कहा, चुनाव होने दीजिए। लोकतंत्र है, हम पीछे नहीं हटेंगे।
Updated on:
05 Feb 2025 09:57 am
Published on:
05 Feb 2025 09:57 am
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