
मणिशंकर अय्यर, पवन खेड़ा और शशि थरूर से लड़े। ( सांकेतिक फोटो: AI)
Media department: राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पूरे देश में मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं, लेकिन उनकी कांग्रेस पार्टी के अंदर ही एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। अपने बयानों से अक्सर विवादों में रहने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar) ने राहुल गांधी पर बयान दिया है तो एक बार फिर अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। इस बार उनके निशाने पर कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और कांग्रेस के वरिष्ठ चॉकलेटी नेता शशि थरूर(Shashi Tharoor) हैं। अय्यर के ताजा हमलों ने पार्टी के अंदर की गुटबाजी को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है, जिससे कांग्रेस नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मणिशंकर अय्यर ने एक साक्षात्कार के दौरान पवन खेड़ा पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें "कठपुतली" करार दिया। अय्यर ने कहा कि पवन खेड़ा वही बोलते हैं जो उन्हें बोलने के लिए कहा जाता है, उनका अपना कोई मौलिक विचार नहीं होता। अय्यर ने तंज कसते हुए कहा कि मीडिया हेड होने के नाते खेड़ा केवल रटी-रटाई स्क्रिप्ट पढ़ते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस भाजपा के खिलाफ एकजुट दिखने की कोशिश कर रही है। अय्यर का यह बयान पार्टी के संचार विभाग की विश्वसनीयता पर सीधा हमला माना जा रहा है।
सिर्फ पवन खेड़ा ही नहीं, बल्कि तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर भी अय्यर के निशाने पर रहे। अय्यर ने थरूर को "बाहरी" और "अत्यधिक महत्वाकांक्षी" बताया। उन्होंने कहा कि थरूर ने पार्टी में बहुत बाद में एंट्री ली और वे बहुत जल्द बड़े पद हासिल करना चाहते थे। अय्यर, जो खुद को गांधी परिवार का वफादार मानते हैं, ने संकेत दिया कि थरूर जैसे नेताओं की विचारधारा कांग्रेस की मूल विचारधारा से मेल नहीं खाती। यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के दौरान थरूर की उम्मीदवारी की याद दिलाती है, जिसे लेकर पार्टी का एक धड़ा सहज नहीं था।
अय्यर के हमलों पर पवन खेड़ा ने भी चुप्पी नहीं साधी और बेहद सधे हुए शब्दों में तीखा जवाब दिया। खेड़ा ने अय्यर की उम्र और उनकी आदतों पर तंज कसते हुए कहा, "हम मणिशंकर अय्यर की वरिष्ठता का सम्मान करते हैं, लेकिन कभी-कभी वरिष्ठता और 'ठिठुरते बुढ़ापे' (Senility) के बीच की रेखा मिट जाती है।" खेड़ा ने स्पष्ट किया कि अय्यर के बयानों से पार्टी को अक्सर नुकसान होता है और विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी अय्यर को सिर्फ उनके पुराने योगदान के कारण बर्दाश्त कर रही है।
मणिशंकर अय्यर का इतिहास रहा है कि वे चुनावों के समय या महत्वपूर्ण मौकों पर ऐसे बयान देते हैं जो कांग्रेस के लिए 'सेल्फ गोल' साबित होते हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री मोदी के लिए "नीच आदमी" वाला बयान हो या पाकिस्तान में जाकर मदद मांगने की बात, अय्यर हमेशा विवादों के केंद्र में रहे हैं। अब अपनी ही पार्टी के प्रवक्ताओं और सांसदों को निशाना बनाकर उन्होंने विपक्ष को कांग्रेस पर हमला करने का एक और मौका दे दिया है।
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी चुटकी ली है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है जहां नेता आपस में ही लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी अय्यर और खेड़ा की यह भिड़ंत ट्रेंड कर रही है, जहां यूजर्स कांग्रेस के अनुशासन पर सवाल उठा रहे हैं।
अब सबकी नजरें कांग्रेस हाईकमान, विशेषकर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी पर टिकी हैं। क्या वे मणिशंकर अय्यर पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे या फिर इसे "व्यक्तिगत राय" बताकर पल्ला झाड़ लेंगे? सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व इस बयानबाजी से बेहद नाराज है और जल्द ही नेताओं को संयम बरतने की सलाह दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मणिशंकर अय्यर हाल ही में अपनी आत्मकथा और बयानों के जरिए चर्चा में बने रहना चाहते हैं। पार्टी में साइडलाइन किए जाने के कारण उनकी हताशा अब अपने ही सहयोगियों पर गुस्से के रूप में निकल रही है। यह विवाद कांग्रेस के भीतर "पुराने गार्ड" (Old Guard) और "नई पीढ़ी" (New Generation) के बीच के संघर्ष को भी दर्शाता है।
Updated on:
16 Feb 2026 02:20 pm
Published on:
16 Feb 2026 02:14 pm
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