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अचानक कैसे क्रैश हुआ एक और प्राइवेट जेट? कर्नाटक के खुले मैदान में मिला मलबा

रविवार दोपहर कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बालेश्वर तालुक के मंगलुरु गांव में एक प्राइवेट मिनी विमान क्रैश हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हादसे में पायलट समेत दोनों लोग बाल-बाल बच गए। यह घटना महाराष्ट्र के बारामती जेट क्रैश के कुछ दिनों बाद सामने आई है।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 08, 2026

कर्नाटक में क्रैश जेट। (फोटो- IANS)

हाल ही में महाराष्ट्र के बारामती में पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का प्राइवेट जेट क्रैश हुआ था। अब एक और प्राइवेट जेट के क्रैश होने की खबर सामने आई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर विजयपुरा जिले के बालेश्वर तालुक के मंगलुरु गांव में एक प्राइवेट मिनी विमान क्रैश हो गया, जिसमें पायलट समेत दो लोग बाल-बाल बच गए।

खुले मैदान में क्रैश हुआ विमान

पुलिस ने बताया कि दो सीटों वाला यह विमान मंगलुरु गांव के खुले मैदान में क्रैश हुआ। दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यह तीन टुकड़ों में बंट गया।

घटना पर मौजूद लोगों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि विमान क्रैश होने से पहले दोनों पायलट किसी तरह से बाहर निकल गए थे।

कैसे हुई दुर्घटना?

दोनों पायलट को चोटें आई हैं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। कहा जा रहा है कि यह ट्रेनिंग विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। दुर्घटना की वजह फिलहाल इंजन में खराबी बताई जा रही है।

मौके से विजुअल्स सामने आए हैं, उनसे पता चलता है कि जमीन से टकराने के बाद प्लेन उल्टा हो गया। उसके अगले हिस्से को काफी नुकसान हुआ है।

शुरुआती जांच के आधार पर एक अधिकारी ने बताया कि यह रेड बर्ड एविएशन का एक प्राइवेट एयरक्राफ्ट है। यह कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था, तभी इसके इंजन में टेक्निकल खराबी आ गई और यह अचानक क्रैश हो गया। अधिकारी ने बताया कि विमान में जो दो लोग सवार थे, उनकी पहचान कैप्टन और एक ट्रेनी पायलट के तौर पर हुई है।

ऐसे विमानों का कहां होता है इस्तेमाल

बता दें कि रेड बर्ड एविएशन अकादमी पायलट प्रशिक्षण के लिए सेसना 172 टैंगो चार्ली जैसे विश्व स्तरीय ट्रेनिंग विमानों का इस्तेमाल करती है।

रेड बर्ड एविएशन के ट्रेनिंग बेस बारामती, बेलगावी और सियोनी में स्थित हैं, जहां से पायलटों को व्यावसायिक और निजी उड़ानों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

सेसना 172 एसपी जैसे विमानों में बेसिक ऑटोपायलट सिस्टम होता है, जो दिशा बनाए रखने, ऊंचाई को नियंत्रित करने और नेविगेशन में मदद करता है। नागर विमानन महानिदेशालय भी इस मामले का संज्ञान लेकर जल्द ही जांच कर सकती है।