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‘संपत्ति कुछ लोगों के हाथ में, अधिकतर के पास नहीं रोटी का जुगाड़’, जानिए जस्टिस गवई ने ऐसा क्यों कहा

Justice BR Gavai: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई ने अफसोस जताया कि देश की पूरी संपत्ति कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित है।

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Justice BR Gavai: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई ने शुक्रवार को अफसोस जताया कि देश की पूरी संपत्ति कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित है, जबकि अधिकतर लोग दो वक्त की रोटी भी नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर के हवाले से कहा कि इन असमानताओं को मिटाने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा वरना लोकतंत्र की यह इमारत ढह जाएगी जिसे हमने इतनी मेहनत से बनाया है। जस्टिस गवई केरल हाईकोर्ट की ओर से शुरू की गई निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट संबंधी देश की पहली डिजिटल अदालत व अन्य पहलों के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे।

'असमानता नहीं मिटी तो ढह जाएगी लोकतंत्र की इमारत'

जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने राजनीतिक धरातल पर हमें एक व्यक्ति-एक वोट का प्रावधान करके समानता और न्याय दिलाया लेकिन आर्थिक और सामाजिक न्याय असमानता के बारे में क्या? हमारे पास एक ऐसा समाज है जो कई श्रेणियों में विभाजित है, जहां व्यक्ति एक श्रेणी से दूसरी श्रेणी में नहीं जा सकता। आर्थिक धरातल पर हमारे पास एक ऐसा समाज है जहाे देश की पूरी संपत्ति कुछ ही हाथों में केंद्रित है और अधिकतर लोगों के लिए दिन में दो बार भोजन करना भी मुश्किल है। इसलिए हमें असमानता मिटाने के लिए काम करना चाहिए।

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