18 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फेमस सिंगर गिप्पी ग्रेवाल को जान से मारने की धमकी, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप

पंजाब इंडस्ट्री के फेमस सिंगर और एक्टर गिप्पी ग्रेवाल को कथित रूप से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने जान से मारने की धमकी दी है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Devika Chatraj

Mar 18, 2026

गिप्पी ग्रेवाल को दी जान से मारने की धमकी (Patrika Graphic)

पंजाबी इंडस्ट्री के फेमस सिंगर और एक्टर गिप्पी ग्रेवाल को कथित रूप से गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने जान से मारने की धमकी दी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें धमकी देने वाले की आवाज सुनाई दे रही है। हालांकि इस ऑडियो की जांच में अभी तक अधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल रिकॉर्डिंग में फोन करने वाला व्यक्ति खुद को गोल्डी बराड़ बता रहा है और गिप्पी ग्रेवाल को चेतावनी दे रहा है।

ऑडियो वायरल

वायरल ऑडियो में कॉल करने वाला आरोप लगाता है कि गिप्पी ग्रेवाल ने उसके भेजे गए पहले के मैसेज का जवाब नहीं दिया है। वह लगातार कहता सुनाई दे रहा है कि अगर सिंगर के मैसेज का जवाब नहीं देगा तो उसे भारी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

कौन हैं गोल्डी बराड़?

गोल्डी बराड़ वह गैंगस्टर है, जिस पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े होने के गंभीर आरोप है। वह 2022 में हत्या के मुख्य नामजद आरोपियों में से एक था, और अब कथित रूप से उसका निशाना गिप्पी ग्रेवाल बन गया है।

सुखबीर सिंह बादल ने शेयर किया ऑडियो

इस धमकी भरे ऑडियो क्लिप को रोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में कानून‑व्यवस्था पतली पड़ गई है। सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि गिप्पी ग्रेवाल से सुरक्षा हटाए जाने के बाद यह घटना हुई है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को टैग करते हुए लिखा कि एक बड़े कलाकार को सुरक्षित रखने में विफलता की वजह से पंजाब एक असुरक्षित प्रदेश बन गया है।

धमकी के ऑडियो में क्या कहा गया?

वायरल ऑडियो में गोल्डी बराड़ यह भी कहता सुना जा सकता है कि अगर गिप्पी ग्रेवाल ने उसकी बात नहीं मानी तो परिणाम गंभीर होंगे। इसके अलावा उसने गिप्पी की आगामी फिल्म अकाल का भी जिक्र किया, जिस पर कुछ सिख समुदायों ने आरोप लगाए हैं कि इसमें सिख इतिहास और सिख मूल्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है।