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राहुल गांधी का बड़ा आरोप, कहा- एपस्टीन फाइल्स के जरिए पीएम मोदी को कंट्रोल करता है अमेरिका

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल पास करने की कोशिश को विपक्ष ने नाकाम कर दिया। उन्होंने पीएम मोदी पर भारत को अमेरिका के हाथों बेचने का भी आरोप लगाया।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 18 Apr 2026, 7:58 PM IST

Rahul Gandhi

राहुल गांधी (Photo: ANI)

Rahul Gandhi on PM modi and NDA: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं के लिए आरक्षण को आड़ बनाकर परिसीमन बिल पास करने की कोशिश की। हालांकि विपक्ष ने एकजुट होकर इस 'नापाक मंसूबे' को नाकाम कर दिया।

गांधी ने कहा कि केंद्र का इरादा भारत के चुनावी नक्शे को बदलना था। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, 'कल संसद में उन्होंने महिलाओं से जुड़ा एक बिल पेश किया। सच तो यह है कि वे इस बिल को पास नहीं कराना चाहते थे, बल्कि वे महिलाओं के लिए आरक्षण वाले बिल को एक आड़ के तौर पर इस्तेमाल करके परिसीमन बिल पास कराना चाहते थे। वे भारत का चुनावी नक्शा बदलना चाहते थे, सीटों की संख्या कम करना चाहते थे, और दक्षिण भारत, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर को मिलने वाले प्रतिनिधित्व को घटाना चाहते थे।'

भारत को अमेरिका के हाथों बेचने का आरोप

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि विपक्ष ने मिलकर काम किया और इस नापाक मंसूबे को नाकाम कर दिया।' लोकसभा में विपक्ष के नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी छवि बचाने के लिए भारत को अमेरिका के हाथों बेचने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप के नरेंद्र मोदी पर नियंत्रण का नतीजा US-India डील के रूप में सामने आया। नरेंद्र मोदी ने भारत को अमेरिका के हाथों बेच दिया। उन्होंने हमारे किसानों, मज़दूरों, छोटे और मध्यम व्यवसायों, हमारे डेटा और हमारी ऊर्जा सुरक्षा को बेच दिया। इसकी वजह यह थी कि वे अपनी खुद की छवि बचाना चाहते थे। अमेरिका, एपस्टीन फाइल्स के ज़रिए प्रधानमंत्री को नियंत्रित करता है।'

महिला आरक्षण बिल पर आरोप-प्रत्यारोप

इससे पहले, संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया था, क्योंकि इसे दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि केंद्र का इरादा महिलाओं के लिए आरक्षण की आड़ में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाना था।

विपक्ष को सत्ताधारी BJP और उसके सहयोगी दलों द्वारा 'महिला-विरोधी' करार दिया गया है, क्योंकि उन्होंने संविधान के 131वें संशोधन बिल के खिलाफ वोट दिया था; इस बिल का मकसद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करना था।

केंद्र द्वारा पेश किए गए इन संशोधन बिलों का मकसद महिलाओं के लिए आरक्षण से जुड़े कानून को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था। इनका उद्देश्य लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को प्रभावी बनाना भी था।