
Parliament Monsoon Session :विरोध के बीच बातचीत की पहल... राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और किरेन रिजीजू की मुलाकात (फोटो सोर्स: ANI)
Rahul, Priyanka Meet Kiren Rijiju: 20 जुलाई को सीजेपी विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर दान में कथित अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने प्रेरणा स्थल से मकर द्वार तक पैदल मार्च निकालकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
"जब चर्चा होगी तभी तो कोई समाधान निकलेगा। अगर सरकार चर्चा ही नहीं करना चाहती, तो बेहतर है कि वे घर पर बैठकर बात करें या सो जाएं। यह संसद का अपमान है।"
- मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष
इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच हुई मुलाकात और तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक गलियारों का पारा और बढ़ा दिया। सदन की कार्यवाही में बार-बार आ रहे व्यवधान को सुलझाने के उद्देश्य से हुई इस अनौपचारिक चर्चा के दौरान माहौल काफी गर्मा-गर्मी भरा रहा।
किरेन रिजिजू ने विपक्षी नेताओं से असंसदीय भाषा से परहेज करने और कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, वहीं दूसरी तरफ राहुल और प्रियंका गांधी ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार जब तक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और जनहित के मुद्दों पर सीधे जवाब नहीं देती, विपक्ष का रुख नरम नहीं पड़ेगा
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखे हमले किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का विरोध निराधार नहीं है, बल्कि देश की जनता और युवाओं से जुड़े सीधे सवाल हैं:
| क्र. सं. | विपक्ष द्वारा उठाए गए मुख्य सवाल |
| 1. | जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया? |
| 2. | प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़ने की अनुमति किस अधिकारी ने दी? |
| 3. | गृह मंत्री अमित शाह इन सवालों का सामना करने और संसद में जवाब देने से क्यों बच रहे हैं? |
| 4. | अयोध्या राम मंदिर दान में कथित वित्तीय धांधली के आरोपों पर निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही? |
विपक्ष का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र में संवाद ही सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सत्ता पक्ष विपक्ष की आवाज दबाकर मनमाने तरीके से सत्र चलाना चाहता है। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर हंगामा खड़ा करके देश के जरूरी विधायी कार्यों में रोड़ा अटका रहा है।
संसद के भीतर जारी इस भारी घमासान और रिजिजू-गांधी भाई-बहन की खींचतान से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में मानसून सत्र के और भी हंगामेदार रहने के आसार हैं।
Updated on:
05 Aug 2026 11:56 am
Published on:
05 Aug 2026 11:32 am
