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India First Bullet Train: देर की वजह से देश की पहली बुलेट ट्रेन को चलवाने में कितना बढ़ गया खर्च? सामने आया आंकड़ा

भारत की पहली बुलेट ट्रेन का खर्च देरी के कारण लगभग दोगुना होकर 2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट में देरी क्यों हुई...पढ़ें पूरी खबर
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भारत

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Mukul Kumar

Aug 05, 2026

First Bullet Train

भारत की पहली बुलेट ट्रेन। (फोटो- ANI)

भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल से चलने की उम्मीद है। पहली बुलेट मुंबई से अहमदाबाद रूट पर चलेगी। दोनों के बीच की दूरी 508 किलोमीटर है। शुरू में इस ट्रेन को चलवाने के लिए हाई स्पीड रेल लाइन बनाने का खर्च करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये था।

लेकिन देरी के कारण यह आंकड़ा सीधे दुगना हो गया है। माना जा रहा है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन चलवाने में अब लगभग दो लाख करोड़ रुपये लग सकते हैं। ये आंकड़ा सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी देरी क्यों हुई?

पहले क्या था टार्गेट?

पहले इस प्रोजेक्ट को 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन अब पहली सेवा अगस्त 2027 में सूरत-वापी के करीब 100 किलोमीटर वाले हिस्से पर शुरू होगी। पूरे प्रोजेक्ट पर अब तक करीब 91 हजार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं और भौतिक प्रगति 61 प्रतिशत पार कर चुकी है।

महाराष्ट्र में जमीन की समस्या बनी सबसे बड़ी बाधा

महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 2021 तक बहुत धीमी रही। उद्धव ठाकरे सरकार के समय यह काम अटका रहा। 2022 में राज्य स्तर पर बेहतर समन्वय बनने के बाद रफ्तार बढ़ी।

कोविड महामारी ने भी निर्माण और सामान की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया। बिजली की ऊंची लाइनें, पाइपलाइन और टेलीकॉम केबल जैसे 1651 पॉइंट्स को बिना सेवा बाधित किए शिफ्ट करना बहुत जटिल साबित हुआ।

समुद्र के नीचे सुरंग और नदियों पर पुल बने चुनौती

महाराष्ट्र के घनसोली-शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी समुद्री सुरंग का काम चल रहा है। इसमें से सिर्फ 4.8 किलोमीटर ही पूरा हुआ है। 24 प्रमुख नदियों पर बड़े पुल बनाने में भी काफी मेहनत लगी। मेशवा, विश्वामित्री, किम और खरेरा नदियों पर पुल तो बन चुके हैं। बाकियों पर बनाने का काम जारी है।

सिविल निर्माण में पियर्स 452 किलोमीटर में पूरे हो गए हैं। गर्डर लॉन्चिंग 356 किलोमीटर में हो चुकी है और ट्रैक बेड 209 किलोमीटर तैयार है। सूरत-वापी सेक्शन में 86 प्रतिशत ट्रैक बिछ चुका है।

12 स्टेशन बन रहे, वडोदरा का खास डिजाइन

मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती पर स्टेशन तैयार हो रहे हैं। वडोदरा स्टेशन का डिजाइन बरगद के पेड़ से प्रेरित है।

पिलर्स तने और शाखाओं जैसे दिखेंगे, छत पर पत्तियों का पैटर्न होगा। यह प्रोजेक्ट 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शुरू किया था।

यह जापानी शिंकानसेन तकनीक पर आधारित है। भविष्य में मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी समेत सात और हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना है। देरी के बावजूद काम अब तेज हो रहा है।