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Bankipur Result: बांकीपुर में कैसे हार गई भाजपा? NDA में अब भी एक राय नहीं, 6 बड़े नेताओं ने बताई अलग-अलग वजह

Bankipur Result: बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद एनडीए में एक राय नहीं दिख रही है। श्याम रजक, अनंत सिंह, उमेश कुशवाहा समेत 6 बड़े नेताओं ने हार की अलग-अलग वजह बताई। पढ़ें पूरी खबर
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पटना

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Mukul Kumar

Aug 05, 2026

Prashant Kishor vs Samrat Choudhary, Bankipur Assembly Bypoll 2026

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन। (फोटो सोर्स- ANI)

बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की करारी हार हुई है। इस सीट पर बीजेपी कैसे हारी, इसको लेकर एनडीए में अब भी एक राय नहीं दिख रही है। छह बड़े नेताओं ने हार की अलग-अलग कहानियां बताई हैं।

एनडीए में हार का कारण कोई समन्वय की कमी बता रहा है तो कोई नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटाने का गुस्सा। कोई आरजेडी के समीकरण टूटने की बात कर रहा है तो कोई साफ कह रहा है कि एक उपचुनाव में हार को ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए।

अलग-अलग जदयू नेताओं ने क्या बताई वजह?

जदयू के बड़े नेता श्याम रजक ने हार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, प्रबंधन और आपसी विश्वास की कमी रही। साथ ही वरिष्ठ नेताओं में जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास भी नुकसान का कारण बना।

उधर, जदयू विधायक अनंत सिंह ने हार के लिए सीधे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा- नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने से जो गुस्सा लोगों में पैदा हुआ उसी ने एनडीए को चोट पहुंचाई है। उन्होंने आगे कहा- किसी और मुख्यमंत्री बनाया जाना, जनता को सही नहीं लगा।

इस बीच, जदयू के ही उमेश कुशवाहा का नजरिया बिल्कुल उल्टा था। उन्होंने कहा कि एनडीए का मूल वोट बैंक बरकरार रहा, लेकिन आरजेडी का एमवाई समीकरण इस उपचुनाव में पूरी तरह से बिखर चुका था, यही कारण रहा कि एनडीए को हार झेलनी पड़ी।

बीजेपी और सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया

बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने साफ कहा कि पार्टी इस हार की गहन समीक्षा करेगी। कोई बहाना नहीं, पूरी पड़ताल होगी। कहां कमी रह गई, इसका हम पता लगाएंगे।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे ज्यादा तूल न देने की सलाह दी। उन्होंने कहा- एक उपचुनाव की हार से पूरे समीकरण को खतरे में बताना गलत होगा। उन्होंने कहा कि इस हार को ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है।

इसके अलावा, एनडीए नेता और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी समीक्षा की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर हार पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।

एनडीए के अंदर विरोधाभास

अलग-अलग बयानों से बांकीपुर में बीजेपी की हार के बाद एनडीए के अंदर यह विरोधाभास साफ दिख रहा है। कोई संगठन की कमजोरी बता रहा है तो कोई राजनीतिक फैसले का असर। कोई वोट बैंक को मजबूत बता रहा है तो कोई समीक्षा का वादा कर रहा है।

बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत हुई थी। बांकीपुर सीट से तब नितिन नविन ने जीत दर्ज की थी। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद वह राज्यसभा चले गए। जिसके चलते यह सीट खाली हुई और चुनाव हुआ।