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PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय किशोरी के खिलाफ शिकायत वापस, वकील बोली- प्रधानमंत्री ने किया माफ

PM MOdi: NEET प्रदर्शन के दौरान PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली नोएडा की 15 वर्षीय किशोरी के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस ले ली गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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नई दिल्ली

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Pratiksha Gupta

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Updated: 5 Aug 2026, 7:57 AM IST

FIR withdrawn, Smriti Singh lawyer, BNS Section 352

नोएडा की किशोरी के खिलाफ दर्ज शिकायत हुई वापस | फाइल फोटो

PM Modi Forgives Teen: NEET प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। नोएडा की 15 साल की एक नाबालिग लड़की के खिलाफ जो पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई थी, उसे शिकायतकर्ता ने अब वापस ले लिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लड़की ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली है और प्रधानमंत्री ने भी उसे माफ कर दिया है।

आठ लड़कियों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR

इस मामले की शिकायत करने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पूरी कार्रवाई NEET परीक्षा से जुड़े एक प्रदर्शन के बाद शुरू हुई थी। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत में कुल आठ लड़कियों के नाम शामिल थे, जिनमें नोएडा की इस 15 वर्षीय किशोरी का नाम सबसे पहले था।

माफी के बाद वापस ली गई शिकायत

वकील स्मृति सिंह ने बताया कि जब लड़की को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने माफी मांग ली, तो प्रधानमंत्री ने भी उसे माफ कर दिया। उन्होंने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री ने ही उसे माफ कर दिया है, तो मैं भी इस मामले को कोर्ट-कचहरी में आगे नहीं खींचना चाहती। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

पुलिस ने वकील की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की तीन अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया था। इसमें शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने के तहत धारा 352, सार्वजनिक उपद्रव या असंतोष को बढ़ावा देने वाले बयान देने पर धारा 353(1) और मानहानि से जुड़े मामले में धारा 356(1) के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था।

मां ने की सरकार से बड़ी मांग

इस पूरे घटना से परेशान होकर पीड़ित मां ने सरकार से एक बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि 20 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह बंद होने चाहिए। बच्चों का काम सिर्फ पढ़ाई करना होना चाहिए, उन्हें राजनीतिक प्रदर्शनों में नहीं जाने देना चाहिए क्योंकि कुछ संगठन राजनीतिक फायदे के लिए बच्चों का इस्तेमाल करते हैं और उनसे कुछ भी कहलवा देते हैं।