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जनरल नरवणे की किताब के विवाद पर राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, कहा- रिटायरमेंट के 20 साल बाद…

Rajnath Singh Reaction MM Naravane Book: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' (Four Stars of Destiny) को लेकर मचे बवाल पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह। फाइल फोटो- पत्रिका

MM Naravane Book Controversy Rajnath Singh Reaction: पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की पुस्तक के विवाद अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व सेना प्रमुखों के किताब लिखने पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं लगी है। उन्होंने उन सभी खबरों को गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि सेना से जुड़े अधिकारियों को रिटायरमेंट के 20 साल बाद तक कोई किताब लिखने की अनुमति नहीं होती है।

जनरल नरवणे की किताब पर हुआ था जोरदार हंगामा

आपको बता दें क संसद में बजट सत्र के दौरान विपक्ष नेता राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की किताब को लेकर काफी बवाल काटा था। कांग्रेस सांसद ने जनरल नरवणे की किताब को छपने की इजाजत को लेकर मोदी सरकार से सवाल किया था। इसके बाद संसद में काफी विवाद हुआ, जिसकी वजह से सत्र चलने में काफी परेशानियां आई थी।

जनरल नरवणे ने लिखी थी आत्मकथा 'फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टेनी'

पांच साल पहले 2020 में चीन के साथ गलवान घाटी की झड़प और सीमा विवाद पर तकरार हुई थी उस समय जनरल एमएण नरवणे (अब रिटायर) देश के सेना प्रमुख थे। अक्तूबर 2023 में जनरल नरवणे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने अपनी आत्मकथा, फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टेनी लिखी है। एजेंसी ने इस किताब के कुछ अंश भी प्रकाशित किए थे।

जनरल नरवणे की किताब में क्या है?

जनरल नरवणे ने अपनी किताब में गलवान घाटी की झड़प (15-16 मई 2020) से लेकर चीन से हुए डिसइंगेजमेंट यानी सीमा विवाद को निबटाने को लेकर हुए समझौते के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोवल के साथ फोन पर बातचीत और बैठकों का सिलसिलेवार तरीके से अपनी किताब में जिक्र किया है। किताब में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और चाइना स्टडी ग्रुप (CSG) की मीटिंग के बारे में भी बताया गया।