
Indian Prime Minister Narendra Modi and US President Donald Trump (Photo - IANS)
भारत सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद अपना बयान जारी किया है। भारत ने कहा कि हम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के डेवलपमेंट और इसके असर पर बारीकी से अध्ययन कर रहे है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारतीय सरकार अमेरिकी टैरिफ और उनके प्रभावों से संबंधित घटनाक्रमों की स्टडी कर रही है।
भारत की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को अवैध करार दिए जाने के बाद आई है। 6-3 के विभाजित फैसले में अमेरिकी मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स की अध्यक्षता वाली नौ न्यायाधीशों की पूर्ण पीठ ने फैसला सुनाया कि ट्रंप कांग्रेस की मंजूरी के बिना आईईईपीए 1974 के तहत टैरिफ नहीं लगा सकते।
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि हमने शुक्रवार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ पर दिए गए फैसले पर ध्यान दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है। मंत्रालय ने आगे कहा कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ कदम उठाए जाने की घोषणा की गई है। हम इन सभी घटनाक्रमों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि केंद्र इस फैसले की जांच करेगा और वाणिज्य मंत्रालय या विदेश मंत्रालय में से कोई एक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देगा। उन्होंने कहा कि मैंने मीडिया में पढ़ा है कि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ फैसला सुनाया है और भारतीय सरकार उसका अध्ययन करेगी और जो भी प्रतिक्रिया देनी होगी। वह वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा दी जाएगी, न कि मेरे द्वारा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ समय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके कुछ टैरिफ संबंधी कार्रवाइयों को समाप्त कर दिया और एक अस्थायी आयात अधिभार लगाने की घोषणा की। यह अस्थायी 10 प्रतिशत आयात शुल्क 24 फरवरी को पूर्वी मानक समय के अनुसार रात 12:01 बजे से प्रभावी होगा।
Updated on:
21 Feb 2026 08:22 pm
Published on:
21 Feb 2026 07:16 pm
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