
Collateral Free Loan: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति के फैसलों का ऐलान किया है। आरबीआई गवर्नर ने आज एक बार फिर रेपो रेट में कोई कटौती नहीं की। इसका मतलब आपकी ईएमआई कम नहीं होगी। हालांकि आरबीआई ने किसानों को एक सौगात दी है। केंद्रीय बैंक ने किसानों के लिए कोलैटरल फ्री लोन लिमिट को बढ़ा दिया है।
आरबीआई ने किसानों के लिए कोलैटरल फ्री लोन लिमिट बढ़ा दी है। अब अन्नदाताओं को बिना कोई चीज गिरवी रखे 2 लाख रुपये तक का लोन मिल जाएगा। हालांकि, इससे पहले यह लिमिट 1.6 लाख रुपये थी। इसका लाभ छोटे और मझोले किसानों को मिलेगा। हालांकि उन्हें पहचान और अन्य जरूरी कामों के लिए अन्य जरूरी कागज देंगे पड़ेंगे।
कोलैटरल लोन एक ऐसा ऋण है, जिसमें उधारकर्ता को बैंक या वित्तीय संस्था को लोन के बदले किसी संपत्ति या संपत्ति के मूल्य के बराबर गारंटी (सिक्यॉरिटी) के रूप में देना होता है। इस प्रकार के लोन में यदि उधारकर्ता ऋण नहीं चुका पाता है, तो बैंक उस गारंटी को बेचकर अपना पैसा वसूल लेता है।
लोअर ब्याज दरें: यह अनसिक्योर्ड लोन (पर्सनल लोन) की तुलना में सस्ता होता है, क्योंकि बैंक को गारंटी मिलती है।
ज्यादा लोन अमाउंट: बड़ी राशि के लिए कोलैटरल लोन आसानी से मिल जाता है।
लंबी अवधि का विकल्प: इसे चुकाने के लिए लंबी अवधि मिलती है।
— फसल बोने और बीज खरीदने के लिए किसान यह लोन ले सकता है।
— सब्जी या फल की खेती करने के लिए भी लोन उपलब्ध है।
— खेती की जमीन खरीदने के लिए किसान कोलैटरल लोन ले सकता है।
— अगर कोई किसान दूध, अंडे, मांस या ऊन के लिए यह लोन ले सकता है।
— फसलों को रखने के लिए गोदाम बनाने के लिए भी लोन उपलब्ध है।
— किसान सोलर पॉवर प्रोजेक्ट लगाना चाहते हैं तो भी यह मिल सकता है।
Published on:
06 Dec 2024 12:36 pm
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