पिछले 24 घंटे इस परिवार के लिए भावुक रहे। रोहिणी ने कहा कि माता-पिता और बहनें उनके लिए रोए। रविवार को तीन बहनें लालू के पटना घर से निकल कर दिल्ली पहुंचीं। लालू ने हमेशा उनका साथ दिया। बोलीं, "मेरे माता-पिता और बहनें मेरे साथ हैं। भाइयों को भी त्याग करना चाहिए, सिर्फ बहनों का बोझ क्यों ?" रोहिणी ने साफ किया कि सिर्फ भाई को अलग किया, परिवार बाकी एकजुट है। अब वे मुंबई ससुराल जा रही हैं, जहां सास चिंतित होकर बुला रही है। उन्होंने राजनीति से पूरी तरह विदाई ले ली।