25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में बीच हवा में अटका रोपवे, 300 से अधिक पर्यटक फंसे

गुलमर्ग गोंडोला केबल कार सेवा में तकनीकी खराबी आने से सैकड़ों पर्यटक बीच हवा में फंस गए। SDRF, NDRF, पुलिस और सेना ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर पर्यटकों को सुरक्षित निकालना शुरू किया है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

May 25, 2026

Ropeway gets stuck mid-air in Gulmarg

गुलमर्ग में बीच हवा में अटका रोपवे (फोटो- आईएएनएस)

जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को उस समय अफरा तफरी मच गई, जब गोंडोला केबल कार सेवा में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। खराबी के कारण कई केबिन बीच हवा में रुक गए और उनमें सवार सैकड़ों पर्यटक लंबे समय तक फंसे रहे। यह गोंडोला सेवा देश की सबसे लोकप्रिय एडवेंचर राइड्स में गिनी जाती है और हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक इसका आनंद लेने पहुंचते हैं। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया और SDRF तथा NDRF की टीमों को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का काम तेजी से जारी है।

ओवरलोडिंग हो सकती है संभावित वजह

अधिकारियों के मुताबिक गुलमर्ग गोंडोला की दोनों फेज सेवाओं को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। कई केबिन ऊंचाई पर रुक जाने से पर्यटकों में घबराहट फैल गई। कुछ यात्रियों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, जिनमें लोग मदद की गुहार लगाते दिखाई दिए। प्रशासन ने बताया कि तकनीकी टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया और केबल सिस्टम की जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जानकारी में ओवरलोडिंग को संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां पूरे सिस्टम की तकनीकी समीक्षा कर रही हैं ताकि खराबी के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।

SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस, प्रशासन और सेना के जवानों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि केबिनों में फंसे पर्यटकों को विशेष सुरक्षा उपकरणों की मदद से नीचे उतारा गया। कई परिवार छोटे बच्चों के साथ फंसे हुए थे, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित निकाला गया। प्रशासन ने कहा कि सभी केबिन सुरक्षित स्थिति में हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। तकनीकी टीम अब गोंडोला सेवा को दोबारा शुरू करने के लिए सिस्टम की मरम्मत में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल ने की निगरानी

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सभी केबिन सुरक्षित हैं और जमीन पर मौजूद प्रशिक्षित टीमें पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी कहा कि वह खुद रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए और कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।