25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NEET Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट ने NTA को लगाई फटकार कहा- ‘इतने बड़े झटके से भी कोई सबक नहीं सीखा’

Supreme Court ने NEET-UG पेपर लीक पर नाराजगी जताते हुए कहा कि NTA ने कोई सबक नहीं सीखा। कोर्ट ने केंद्र, NTA और CBI को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है।

2 min read
Google source verification
Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट (AI Photo)

NEET Supreme Court Hearing: भारत के लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े NEET UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने साफ कहा कि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से एजेंसी ने कोई सबक नहीं सीखा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर लापरवाही पर गहरी निराशा जताई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने परीक्षा सिस्टम में सुधार और NTA को पूरी तरह बदलने या खत्म करने की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, NTA और CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

'इतने बड़े झटके के बाद भी NTA ने सबक नहीं सीखा'

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'बहुत दुख की बात है, उन्होंने कोई सबक नहीं सीखा, कोर्ट ने कहा कि साल 2024 के विवाद के बाद एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई गई थी, जिसकी सिफारिशों को स्वीकार भी किया गया था। लेकिन इसके बावजूद साल 2026 में दोबारा पेपर लीक हो जाना बेहद निराशाजनक है।

3 दिन में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

अदालत ने केवल फटकार ही नहीं लगाई, बल्कि इस मामले में सीधे एक्शन लेते हुए NTA को तीन दिन की सख्त समयसीमा दी है। अदालत ने कहा कि 'हम NTA को निर्देश देते हैं कि वह 14 नवंबर को गठित निगरानी समिति के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक हलफनामा दाखिल करे।' इसके साथ ही, कोर्ट ने कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन से भी हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों के पालन को लेकर एक अलग हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 'शपथ-पत्र तीन दिनों के भीतर दाखिल किया जाएगा।'

'NTA को पूरी तरह खत्म करो'

यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की तरफ से दाखिल की गई है। डॉक्टरों की इन संस्थाओं ने कहा कि NTA पूरी तरह से फेल हो चुका है और इस सिस्टम को अब बदलने का वक्त आ गया है।

क्या थी याचिकाओं में मुख्य मांगें

  • NTA को पूरी तरह से हटाकर या ओवरहॉल करके एक नया स्वायत्त (Autonomous) और हाई-टेक सिस्टम बनाया जाए।
  • NEET UG जैसी देश की सबसे बड़ी परीक्षा को पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं।
  • मेडिकल छात्रों के भविष्य के साथ बार-बार होने वाले इस खिलवाड़ को तुरंत रोका जाए।

क्या है पूरा मामला, क्यों रद्द हुई परीक्षा

जांच एजेंसियों को इस बात के पुख्ता सबूत मिले थे कि नीट परीक्षा से कई हफ्ते पहले ही एक तथाकथित 'गेस पेपर' (Guess Paper) छात्रों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। इस लीक की पुष्टि होने के बाद NEET UG परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया था, जिसने देशभर के 22 लाख से ज्यादा छात्रों को अधर में लटका दिया। अब सरकार इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की तैयारी में है। री-एग्जाम की तारीख 21 जून तय की गई है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई शुक्रवार, 29 मई को करेगा।