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NEET UG Paper Leak: पुणे की स्कूल प्रिंसिपल ने पैसे लेकर लीक किए नीट के सवाल, CBI का कोर्ट में बड़ा खुलासा

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने पुणे के एक स्कूल की प्रिंसिपल पर बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार ने कथित तौर पर पैसे लेकर छात्रों को परीक्षा से जुड़े सवाल WhatsApp के जरिए भेजे। CBI अब इस पूरे नेटवर्क, डिजिटल चैट और पैसों के लेनदेन की जांच में जुटी है।

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भारत

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Rahul Yadav

May 25, 2026

NEET UG 2026 Paper Leak

NEET UG 2026 Paper Leak (AI Image)

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोर्ट में बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि पुणे के एक स्कूल की प्रिंसिपल ने कथित तौर पर पैसे लेकर छात्रों को परीक्षा से जुड़े सवाल उपलब्ध कराए थे।

CBI ने यह जानकारी आरोपी प्रिंसिपल मनीषा संजय हवलदार की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मांगते समय दी। मनीषा हवलदार पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला स्कूल की प्रिंसिपल हैं।

NTA से जुड़े काम के दौरान जुटाई गोपनीय जानकारी

जांच एजेंसी के मुताबिक मनीषा हवलदार ने नीट यूजी परीक्षा के लिए फिजिक्स पैनल में अनुवादक के रूप में काम किया था। इसी दौरान उन्होंने परीक्षा से जुड़े हाथ से तैयार किए गए नोट्स और गोपनीय जानकारी अपने पास रख ली थी।

सीबीआई का आरोप है कि बाद में उन्होंने यही जानकारी व्हाट्सएप के जरिए कुछ छात्रों तक पहुंचाई। इसके बदले उन्होंने छात्रों से पैसे भी लिए।

20 से 25 हजार रुपए लेकर भेजे सवाल

जांच एजेंसी के अनुसार एक छात्र से 20 हजार रुपए और दूसरे छात्र से 25 हजार रुपए लेकर कथित तौर पर सवाल साझा किए गए।

सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने छात्रों तक पहुंचा और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। एजेंसी डिजिटल चैट, मोबाइल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

पेपर लीक मामले में जांच तेज

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में देशभर में जांच लगातार तेज हो रही है। इससे पहले भी कई राज्यों से कोचिंग नेटवर्क, म्यूल अकाउंट और पेपर लीक गैंग से जुड़े खुलासे सामने आ चुके हैं।

सीबीआई अब यह जांच कर रही है कि परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री किस स्तर तक लीक हुई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

CBSE पोर्टल सुधारने के लिए IIT विशेषज्ञों की टीम

इधर, सीबीएसई कक्षा 12वीं के री-इवैल्युएशन पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की टीम तैनात की जाएगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर परफॉर्मेंस, लॉगिन और पेमेंट गेटवे की जांच कर जरूरी सुधार करेगी, ताकि री-इवैल्युएशन प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित हो सके।

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