
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन। (फोटो-IANS)
केरल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बवाल मच गया है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर को अपना सेक्रेटरी बना लिया है। अब विपक्षी दलों ने इसे लेकर तीखा हमला बोल दिया है।
सवाल उठ रहे हैं कि क्या चुनाव निष्पक्ष थे या फिर कोई सौदा हुआ? रतन केलकर, जो 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, हाल ही तक केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) थे। उन्होंने चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की खास रिवीजन भी देखी थी।
उसी के बाद कांग्रेस नीत यूडीएफ ने भारी बहुमत से 102 सीटें जीतकर सरकार बनाई। अब चुनाव खत्म होते ही उन्हें सीएम का सेक्रेटरी बना दिया गया। यह फैसला शनिवार को आधिकारिक तौर पर जारी हुआ और रविवार को उन्होंने चार्ज भी संभाल लिया।
सीपीआई(एम) और भाजपा दोनों ने इस नियुक्ति को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि यह फैसला कांग्रेस की राष्ट्रीय नेतृत्व को मुश्किल में डाल रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने अपने तत्कालीन सीईओ मनोज अग्रवाल को चीफ सेक्रेटरी बनाया था, तो राहुल गांधी ने खुद ट्वीट करके कहा था- 'चोर बाजार में जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।' अब केरल में वैसी ही बात होने पर कांग्रेस चुप क्यों है?
भाजपा नेता वी मुरलीधरन ने पूछा- क्या केलकर को इनाम मिला क्योंकि उन्होंने यूडीएफ को 100 से ज्यादा सीटें जिताने में मदद की?
सतीशन ने चुनाव से पहले कहा था कि अगर 100 सीटें नहीं आईं तो वे राजनीति छोड़ देंगे। इतना सटीक अनुमान कैसे लगा? क्या चुनाव आयुक्तों से कोई जानकारी मिली थी?
उधर, भाजपा आईटी सेल चीफ अमित मालवीय और के सुरेंद्रन ने भी राहुल गांधी से जवाब मांगा है कि उनका नैतिक गुस्सा अब कहां गया?
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सतीशन ने साफ कहा - यहां प्रक्रिया के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। क्या आरोप है? वह यहां मुख्य चुनाव अधिकारी थे और अब चुनाव खत्म हो गया है।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने केलकर की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक ईमानदार और कुशल अधिकारी हैं। कई विभाग संभाल चुके हैं। यह सामान्य प्रशासनिक फैसला है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इसे बंगाल वाली घटना से जोड़ना गलत है। केलकर ने दिसंबर 2024 से सीईओ का पद संभाला था। अब उनकी जगह नया अधिकारी नियुक्त करने के लिए राज्य सरकार को चुनाव आयोग को पैनल भेजना होगा।
Published on:
25 May 2026 03:27 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
