
संजय राउत (Photo-IANS)
Sanjay Raut operation Tudwa Warning: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) में टूट को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के 6 सांसदों ने बगावत का रास्ता अपनाया है। गुरुवार सुबह दिल्ली में मीटिंग रखी गई थी जिसके लिए बुधवार को सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद 6 बागी सांसद मीटिंग में नहीं पहुंचे। पार्टी के बीच में चल रही इस स्थिति को राजनीतिक गलियारों में ऑपरेशन टाइगर कहा जा रहा है। इसी बीच अब संजय राउत ने बागी सासंदों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अब वह ऑपरेशन तुड़वा शुरू करेंगे।
संसद भवन स्थित शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय दल कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के केवल तीन सांसद ही पहुंचे। इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजभाऊ वाजे शामिल रहे। वहीं, पार्टी के छह लोकसभा सांसद बैठक से दूर रहे।
बागी सांसदों का कहना है कि शिवसेना (यूबीटी) अब बालासाहेब ठाकरे की सोच और हिंदुत्व के रास्ते से दूर हो गई है। उनका आरोप है कि कांग्रेस के साथ बढ़ती नजदीकियों की वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। कुछ सांसदों ने संजय राउत के उन बयानों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें उन्होंने क्षेत्रीय दलों के कांग्रेस में शामिल होने की बात कही थी। इसी वजह से कई सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से अलग राय अपनाई है।
खबरों के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है। अगर उनकी यह मांग मंजूर हो जाती है तो उनके लिए एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ जाने का रास्ता आसान हो सकता है। शिंदे गुट का दावा है कि उनके पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि दल-बदल कानून की कार्रवाई से बचा जा सकता है।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। पार्टी की तरफ से बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। अगर सांसदों के जवाब से पार्टी संतुष्ट नहीं होती है तो उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की जा सकती है। वहीं, बढ़ते राजनीतिक विवाद को देखते हुए बागी सांसदों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है और उन्हें वाई-प्लस सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है।
Updated on:
18 Jun 2026, 6:34 PM IST
Published on:
18 Jun 2026, 3:47 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.