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JNU की पहली महिला वाइस चांसलर बनीं शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित, रह चुकी हैं टॉपर

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी को अपनी पहली महिला वाइस चांसलर मिल गई हैं। प्रोफेसर Santishree Dhulipudi Pandit को JNU की नई वाइस चांसलर बनाया गया है। बता दें कि फिलहाल शांतिश्री धूलिपुडी फिलहाल तक सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हैं।

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Santishree Dhulipudi Pandit Become First Woman Vice Chancellor Of JNU

Santishree Dhulipudi Pandit Become First Woman Vice Chancellor Of JNU

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की कमान पहली बार किसी महिला को सौंपी गई है। प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी को जेएनयू की कुलपति बना दिया गया है। उन्होंने निवर्तमान वीसी जगदीश कुमार की जगह ली है। फिलहाल शांतिश्री धूलिपुड़ी सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी की प्रफेसर हैं। जगदीश कुमार ने कहा कि वह सोमवार को ही चार्ज प्रफेसर पंडित को सौंप देंगे। बता दें कि पुणे यूनिवर्सिटी में पॉलिटिक्‍स और पब्लिक एडमिनिस्‍ट्रेशन पढ़ाने वाली प्रोफेसर पंडित पहले भी कई नामी यूनिवर्स्टी में पढ़ा चुकी हैं। शांतिश्री ने Parliament and Foreign Policy in India समेत कई किताबें भी लिखी हैं जो काफी चर्चित रहीं।

रूस में हुआ जन्म
जेएनयू की पहली महिला कुलपति बनीं शांतीश्री की पैदाइश रूस के सेंट पीटर्सबर्ग की है। उनके पिता सिविल सर्विसिज में थे। मां लेनिनग्राद (अब सेंट पीटर्सबर्ग) ओरियंटल फैकल्‍टी डिपार्टमेंट में तमिल और तेलुगू की प्रफेसर थीं। हालांकि उसके बाद वे भारत आ गईं और दक्षिण भारत में रहने लगीं। उनकी शुरुआती पढ़ाई मद्रास जो अब चैन्नई हो गया वहां से हुई।

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शांतीश्री ने उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने जेएनयू से एम.फिल में टॉप किया। फिर यहीं से पीएचडी भी की। 1996 में उन्‍होंने स्‍वीडन की उप्‍पसला यूनविर्सिटी से डॉक्‍टोरल डिप्‍लोमा हासिल किया।


पंडित की पकड़ कई भाषाओं पर है। वे हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, तमिल जैसी छह भाषाओं में दक्ष प्रोफेसर तो हैं ही साथ ही कन्‍नड़, मलयालम और कोंकणी भी समझ लेती हैं।


प्रोफेसर पंडित को कई नामी यूनिवर्सिटीज में पढ़ाने का अनुभव है। टीचिंग में 34 साल से ज्‍यादा का अनुभव रखने वाली प्रफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने पुणे यूनिवर्सिटी के अलावा गोवा यूनिवर्सिटी, ओस्‍मानिया यूनिवर्सिटी, रक्षाशक्ति यूनिवर्सिटी, मद्रास यूनिवर्सिटी में भी बढ़ाया है।

यही नहीं वे केंद्र सरकार की कई अहम समितियों में भी शामिल रही हैं। अंतराष्‍ट्रीय विषयों पर बेहतरीन पकड़ रखने वाली प्रोफेसर ने कई रिसर्च प्रॉजेक्‍ट्स में महती भूमिका निभाई है। दुनिया के कई नामी संस्‍थानों में उनकी फेलोशिप है। राष्‍ट्रीय-अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर उन्‍हें कई सम्‍मानों से भी नवाजा जा चुका है।


शांतिश्री अब तक कई किताबें भी लिखी हैं। इनमें Parliament and Foreign Policy in India, रिस्ट्रक्चरिंग एनवार्यमेंटल गवर्नेंस इन एशिया-एथिक्स एंड पॉलिसी, कल्चरल डिप्लोमेसीः बुद्धिस्म एंड इंडियास लुक ईस्ट पॉलिसी जैसे किताबें प्रमुख रूप से शामिल हैं।

यही नहीं प्रो. शांतिश्री ने भारत और दुनिया के राजनीतिक परिदृश्‍यों पर कई रिसर्च पेपर भी प्रकाशित किए हैं।

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