
State Bank of India History: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) किसी पहचान का मोहताज नहीं है। भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी कामयाबी में एक और मील का पत्थर स्थापित किया है। एसबीआई के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ से अधिक हो गई है। यह असाधारण उपलब्धि न केवल वित्तीय समावेशन के प्रति बैंक की अटूट प्रतिबद्धता को उजागर करती है, बल्कि भारतीय आबादी के बीच इसकी अपार लोकप्रियता और विश्वास को भी दर्शाती है। एसबीआई के पास अब दुनिया भर के कई देशों की पूरी आबादी की तुलना में अधिक ग्राहक हैं।
एसबीआई ने इन्फोसिस को पीछे छोड़ा
एसबीआई अब मार्केट कैप के हिसाब से देश की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी शामिल हो गया है। खास मुकाबल हासिल करने के साथ ही 21 फरवरी को एसबीआई ने इन्फोसिस को पीछे छोड़ते हुए टॉप-5 में जगह बना ली है। एसबीआई का टोटल एम-कैप 6,88,578.43 करोड़ रुपये हो गया है जो इन्फोसिस से 1,228.48 करोड़ रुपये ज्यादा है।
200 साल पुराना है एसबीआई
भारतीय स्टेट बैंक का इतिहास 200 साल से भी ज्यादा पुराना है। इसकी शुरुआत साल 1806 में कोलकाता में बैंक ऑफ बंगाल की स्थापना के साथ हुई थी। भारत का यह पहला संयुक्त बैंक था। साल 1921 में बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बॉम्बे और बैंक ऑफ मद्रास का विलय करके इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया (IBI) का गठन किया गया।
1955 से पहले इस नाम से जाना जाता था
एसबीआई का इतिहास विलय और अधिग्रहणों से भरा हुआ है। 200 सालों के दौरान 20 से अधिक बैंकों का एसबीआई में विलय हुआ है। साल 1955 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण की नीति के तहत आईबीआई का नाम बदलकर भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया। आज के समय में भारत का सबसे बड़े बैंकों में से एक है।
Updated on:
22 Feb 2024 06:07 pm
Published on:
22 Feb 2024 06:01 pm
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