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जन्माष्टमी की सुरक्षा में चूक: 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड, कई के खिलाफ जांच के आदेश

जन्माष्टमी की सुरक्षा में हुई इस चूक ने दिल्ली पुलिस की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। निलंबन और जांच के आदेश से पुलिस में जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।

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ASP राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड के निर्देश (photo source- Patrika)

ASP राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड के निर्देश (photo source- Patrika)

Policemen Suspended: देशभर में शनिवार को बड़ी धूमधाम से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में जन्माष्टमी उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही के कारण दिल्ली पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आउटर नॉर्थ जिले के इस्कॉन मंदिर में सुरक्षा जायजा लेने पहुंचे पुलिस कमिश्नर को कई पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पोस्ट से गायब मिले, जिसके बाद 8 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, कई अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया है।

सुरक्षा में लापरवाही का खुलासा

पुलिस के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली के प्रमुख मंदिरों, विशेष रूप से रोहिणी के इस्कॉन मंदिर में, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस कमिश्नर ने शुक्रवार को मंदिर का दौरा किया और पाया कि कई पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। कुछ पुलिसकर्मी बिना अनुमति के पोस्ट छोड़कर चले गए थे, जबकि अन्य ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। इस चूक को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।

विभागीय कार्रवाई और जांच

पुलिस कमिश्नर के आदेश पर आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया, जिनमें कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल शामिल हैं। डीसीपी (आउटर नॉर्थ) ने बताया कि अन्य गायब मिले पुलिसकर्मियों के कारणों की जांच की जा रही है, और उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी। यह घटना दिल्ली पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठाती है, खासकर जब हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के दौरान लाल किले पर सुरक्षा चूक के लिए सात पुलिसकर्मी निलंबित किए गए थे।

प्रशासन का रुख और जनता की प्रतिक्रिया

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों और मंदिर प्रशासन ने इस कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन कुछ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।