
Madras High Court: मद्रास हाई कोर्ट ने चर्चित डॉ एसडी सुब्बैया हत्याकांड में शुक्रवार को नौ दोषियों को बरी कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने इनमें से सात को मौत और दो को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 2013 का है जब संपत्ति विवाद की वजह से डाॅ. सुब्बैया की हत्या हुई। सजायाफ्ता दोषियों की अपील पर सुनवाई के बाद जस्टिस रमेश और जस्टिस सुंदर मोहन की खंडपीठ ने चेन्नई के अतिरिक्त सत्र न्यायालय के 2021 के आदेश को रद्द कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने स्कूल शिक्षक पोन्नुसामी, उनके बेटों बोरिस, बेसिल और विलियम के साथ-साथ डॉ. जेम्स सतीश कुमार, मुरुगन और सेल्वप्रकाश को हत्या और आपराधिक साजिश सहित अपराधों के लिए दोहरे मृत्युदंड और पोन्नुसामी की पत्नी मैरी पुष्पम और येसुराजन को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। खंडपीठ ने कहा, ‘सभी अपीलों को स्वीकार किया जाता है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की सजा और दोषसिद्धि को रद्द किया जाता है। अपीलकर्ताओं को सभी आरोपों से बरी किया जाता है।’ हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को सभी दोषियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
अपीलकर्ताओं के वकीलों ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोपों को साबित करने में विफल रहा है और ट्रायल कोर्ट ने ऐसे तथ्यों को ध्यान में नहीं रखा है। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि आरोप बिना किसी संदेह के साबित हुए थे और ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाने से पहले सभी कारकों पर विचार किया था।
14 सितंबर, 2013 को चेन्नई के एक अस्पताल से बाहर निकलते समय जाने-माने न्यूरो-सर्जन डॉ. सुब्बैया पर हथियारों से बेरहमी से हमला किया गया था। हमले के लगभग दस दिन बाद 23 सितंबर को गंभीर चोटों के कारण सुब्बैया की मौत हो गई। हत्या की वजह रिश्तेदारों के बीच संपत्ति विवाद बताया गया। जांच के बाद पुलिस ने उक्त नौ जनों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दायर की थी।
Published on:
15 Jun 2024 09:25 am
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