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गंदी नाली के चूहे बन सकते हैं कोरोना के नए वेरिएंट की वजह, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

कोरोना के एक और नए वेरिएंट से दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका के एक एक्सपर्ट का कहना है कि गंदी नाली के चूहों की वजह से कोरोना का नया वेरिएंट देखने को मिल सकता है। एक अमेरिकी शोधकर्ताओं की टीम ने न्यू यॉर्क की नालियों में इस वेरिएंट के करीब चार मामले दर्ज किए हैं।

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Sewer Rats could become the reason of new corona variant cryptic

गंदी नाली के चूहे बन सकते हैं कोरोना के नए वेरिएंट की वजह, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

कोरोनावायरस जबसे दुनिया में आया है तबसे जीवन बेहद अलग और मुश्किल हो गया है। पिछले दो साल से कोरोना के नए नए वेरिएंट देखने को मिल रहे हैं। कभी डेल्टा तो कभी ओमिक्रॉन। अब कोरोना के एक और नए वेरिएंट से दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका के एक एक्सपर्ट का कहना है कि गंदी नाली के चूहों की वजह से कोरोना का नया वेरिएंट देखने को मिल सकता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं की टीम ने न्यू यॉर्क की नालियों में इस वेरिएंट के करीब चार मामले दर्ज किए हैं। इस नए वेरिएंट को फिलहाल क्रिप्टिक (Cryptic) नाम दिया गया है।


कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक रिसर्चर ने नोट किया कि ये थ्योरी अमीनो-एसिड परिवर्तनों की वजह से पैदा हुई है। इससे पहले, चूहों की वजह से वायरस के अलग-अलग वेरिएंट सामने आ चुके हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जानवरों में नए वेरिएंट का पता लगाना चिंताजनक है।

पशु-आधारित वेरिएंट्स अनिश्चित काल तक बेकाबू होकर इंसानों के बीचे में फैल सकते हैं। ये वेरिएंट्स संभावित रूप से नए और अपरिचित रूपों में मनुष्यों में फैल सकते हैं। वायरोलॉजिस्ट हाई अलर्ट पर हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह कहा गया है कि सफेद पूंछ वाले हिरण आसानी से वायरस से संक्रमित हो जाते हैं।

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एक रिसर्चर द्वारा की गई स्टडी में कहा गया, हम इन वेरिएंट्स को लेकर कई तरह की परिकल्पनाएं पेश कर रहे हैं। इसमें ये संभावना है कि ये वेरिएंट बिना सैंपल लिए गए कोविड संक्रमित व्यक्ति से मिल सकता है। चूहों पर स्टडी कर रही एक रिसर्च टीम के सदस्य ने कहा कि उन्होंने चूहों के मल का नमूना लिया है।

ये चूहे अंधेरी नालियों में रहने वाले थे। रिसर्चर्स का मानना है कि चूहों तक ये वायरस मानव और जानवरों के मल खाने के साथ-साथ सीवर का पानी पीने से भी पहुंच सकता है। अभी तक गंदे पानी की वजह से किसी भी तरह के वायरस के सामने आने की जानकारी नहीं है। लेकिन इसकी पूरी तरह से संभावना बनी हुई है।


गौरतलब है कि दुनियाभर में कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के केस सामने आ रहे हैं। डेल्टा वेरिएंट के बाद ये वेरिएंट तेजी से फैला है और इसने लोगों को अपना शिकार बनाया है।ऐसे में दुनियाभर में इस बात की चर्चा हो रही है कि जल्द ही नया वेरिएंट भी देखने को मिल सकता है।

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक शीर्ष अधिकारी ने चेताया है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट, इसका अंतिम वेरिएंट नहीं होगा और अन्य नये वेरिएंट्स के सामने आने की अत्याधिक संभावना है। WHO वर्तमान में ओमिक्रॉन के चार अलग-अलग वेरिएंट्स पर नजर बनाए हुए है।


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