
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर (Photo-IANS)
केरल में कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी.डी. सतीसन ने शनिवार (31 जनवरी 2026) को पार्टी सांसद शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम स्थित निवास पर आश्चर्यजनक मुलाकात की। यह मुलाकात हफ्तों से चली आ रही असहजता और थरूर के राजनीतिक भविष्य को लेकर उठ रही अटकलों के बाद एकता का संकेत है।
बताया जा रहा है कि मुलाकात में आगामी केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। थरूर ने पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा जताई है। वे चुनावी घोषणा-पत्र और विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में शामिल होंगे। साथ ही, युवाओं और पेशेवरों के साथ संरचित संवाद अभियान चलाएंगे, जिससे UDF को पारंपरिक वोट बैंक से आगे विस्तार मिलने की उम्मीद है।
यह सुलह AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में हुई, जिसमें वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी ने शांत भूमिका निभाई। हाल ही में वायनाड सम्मेलन में वेणुगोपाल ने थरूर को केरल में उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता का आश्वासन दिया था। राज्य नेतृत्व से लगातार संपर्क के बाद यह मुलाकात हुई।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में थरूर ने कहा, 'मेरी जिंदगी में सिर्फ एक पार्टी है—कांग्रेस। मेरा एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस और UDF की जीत है।' उन्होंने पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी पर दबाव वाली अफवाहों को खारिज किया। तीन दिन पहले थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जहां उन्होंने कहा था कि 'हम एक ही पेज पर हैं।'
सतीसन ने थरूर को UDF अभियान का प्रमुख चेहरा बताया। उन्होंने कहा कि थरूर सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे। पार्टी मानती है कि थरूर का युवा मतदाताओं और राजनीतिक रूप से तटस्थ वर्गों पर प्रभाव निर्णायक साबित होगा।
यह मुलाकात कांग्रेस के हाल के सबसे असहज आंतरिक विवाद पर पर्दा डालती है, जिसमें थरूर के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के करीब आने की अटकलें थीं। अब UDF एकजुट होकर LDF को चुनौती देने की तैयारी में है। कांग्रेस हाईकमान की यह कोशिश केरल में मजबूत वापसी का आधार बनेगी।
Updated on:
31 Jan 2026 05:14 pm
Published on:
31 Jan 2026 05:09 pm
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