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‘उनका गुस्सा समझ आता है’, संजय राउत के बागी सांसदों को अपशब्द कहने को कांग्रेस ने ठहराया सही

Shiv Sena UBT Crisis: कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने संजय राउत के विवादित बयान का बचाव करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना सबसे ज्यादा राजनीतिक नुकसान झेल चुकी है, इसलिए राउत का गुस्सा और उनकी नाराजगी समझी जा सकती है।

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Congress leader Imran Pratapgarhi

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी (फोटो- एएनआई)

Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (उद्धव दल) में बगावत की खबरों के बाद से राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। मामला सामने आने क बाद से पक्ष-विपक्ष के नेताओं के बयान सामने आने लगे है और दोनों तरफ से जमकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे है। इसी बीच संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुस्से में पार्टी के बागी सांसदों के खिलाफ अपशब्द का इस्तेमाल कर दिया जिसके बाद से उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। अब इस मामले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है और कांग्रेस ने राउत के बयान को सही ठहराया है। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मामले पर संजय राउत का खुलकर बचाव करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना सबसे ज्यादा नुकसान झेल चुकी है और ऐसे में संजय राउत का गुस्सा समझ में आता है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला- प्रतापगढ़ी

इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया बातचीत के दौरान संजय राउत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने सबसे ज्यादा नुकसान झेला है। उनकी पार्टी तोड़ी गई, उनके विधायक ले जाए गए। अब उन्हें फिर से निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए संजय राउत का गुस्सा समझ आता है। उन्होंने चाहे जिस भाषा का इस्तेमाल किया हो, लेकिन उनकी निराशा साफ दिखाई देती है। भाजपा जो कर रही है, वह संसदीय आचरण से बहुत दूर है।

संजय राउत ने पार्टी में बगावत की आशंका पर दी थी टिप्पणी

बता दें कि हाल ही में शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने उन बागी सांसदों पर हमला बोला था जिनके एनडीए में जाने की अटकलें लग रही हैं। मीडिया से बातचीत में राउत ने कथित बागी सांसदों को बेईमान और गद्दार बताया था। उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि ऐसे लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो पहले इस्तीफा दें और खुलकर एनडीए में जाएं। इस दौरान राउत ने मीडियाकर्मियों से उनका बयान कट नहीं करने की बात भी कही थी। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों को दल बदलने के लिए 50 करोड रुपये तक का ऑफर दिया जा रहा है।

इंसान जो भाषा समझता है, उसी में बात करनी पड़ती है - राउत

संजय राउत ने बाद में उनके बयान पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए यह साफ किया था कि उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा में ऐसे शब्द इस्तेमाल होते हैं, इसमें गलत क्या है। मुझे अच्छी तरह पता है कब कौन सी भाषा इस्तेमाल करनी है। इंसान जो भाषा समझता है, उसी में बात करनी पड़ती है। मैंने संसद में ऐसी भाषा नहीं बोली है। जो आदमी 15 करोड रुपये लेकर पार्टी छोड़ दे, उसके ऊपर क्या फूल बरसाएंगे

शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने किया बचाव

वहीं शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने भी राउत का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह किसी खास व्यक्ति के लिए नहीं कहा गया था। देसाई के मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में 50 साल बिताने वाला भावुक व्यक्ति कभी-कभी इस तरह की भाषा बोल देता है और राउत ने भी बाद में स्पष्ट किया कि उनका निशाना कोई खास व्यक्ति नहीं था।