
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक । (Photo- IANS)
Attack on Sonam Wangchuk: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक पर शुक्रवार देर रात हमले की कोशिश की। इसकी जानकारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट 'एक्स' पर कहा, 'जंतर-मंतर पर सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की गई। कुछ गुंडों ने उन पर एक वस्तु फेंकी, लेकिन सौभाग्य से उन्हें कोई चोट नहीं आई।
कुछ दिन पहले ही मैंने चेतावनी दी थी कि जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। यह जानकारी मुझे पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र से मिली थी।
अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो उसकी जिम्मेदार सरकार होगी, क्योंकि साफ तौर पर ऐसा लगता है कि जंतर-मंतर पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की योजना बनाई जा रही है।'
शशि थरूर, अखिलेश यादव समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने की अपील के बावजूद सोनम वांगचुक अपने फैसले पर अडिग हैं। उनका कहना है कि यदि प्याज की कीमतों को लेकर सरकारें गिर सकती हैं, तो छात्रों की जवाबदेही से जुड़ी मांगों के जरिए भी बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने अपने एक वीडियो संदेश में लोगों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अक्सर लोग जनआंदोलनों की ताकत को कम करके आंकते हैं। मैं पूछता हूं कि हम भारतीय अपने बच्चों के जीवन और शिक्षा से अधिक प्यार करते हैं या प्याज से?'
उन्होंने कहा कि जनआंदोलनों के कारण पहले भी सरकारें गिर चुकी हैं। उनके अनुसार, 1980 में केंद्र सरकार गिरी, जबकि 1998 में दिल्ली और राजस्थान की सरकारें प्याज की कीमतों को लेकर हुए आंदोलनों के चलते गिर गई थीं।
सोनम वांगचुक ने आगे कहा, 'यहां हम बच्चों के जीवन की बात कर रहे हैं। इस वर्ष 20 से अधिक आत्महत्याएं हो चुकी हैं। आने वाले वर्षों में इनकी संख्या और बढ़ सकती है।' उन्होंने सवाल किया कि क्या आंदोलन के जरिए जवाबदेही तय नहीं की जा सकती? क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे?
वांगचुक ने लोगों से 20 मार्च को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा, 'आप ही हमारी ताकत हैं। अन्यथा मैं कौन हूं? आपकी संख्या ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।'
Updated on:
18 Jul 2026 07:09 am
Published on:
18 Jul 2026 06:39 am
