
सोनम वांगचुक(फोटो-ANI)
Sonam Wangchuk: लद्दाख को संवैधानिक अधिकार देने और लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थापना को लेकर केंद्र सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच बातचीत में अब तक सहमति नहीं बन पाई है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गृह मंत्रालय के साथ हालिया बैठक के बाद कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधानसभा और उससे जुड़े सुरक्षा उपायों पर दोनों पक्षों के बीच बड़ा अंतर है। हालांकि, उन्होंने इसे पूरी तरह से वार्ता की विफलता मानने से इनकार करते हुए उम्मीद जताई कि केंद्र का नया मसौदा कुछ सकारात्मक बदलाव लाएगा। वहीं अगली बैठक 22 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित है।
लेह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सोनम वांगचुक ने बताया कि हालिया दौर की वार्ता का परिणाम लद्दाख के निवासियों के लिए मनमुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बैठक में जिस प्रकार का रुख देखा गया, उससे स्थानीय लोगों में निराशा है। वांगचुक ने बताया कि वार्ता में मतभेद उभरकर सामने आए हैं। फिलहाल सरकार ने एक संशोधित मसौदा प्रस्ताव देने का वादा किया है। जब तक वह मसौदा हमारे सामने नहीं आता, तब तक हम इसे विफलता नहीं बल्कि बातचीत का एक चरण मान रहे हैं। हमें उम्मीद है कि 22 तारीख को नई दिल्ली में होने वाली अगली बैठक में स्थिति स्पष्ट होगी।
लद्दाख के लोग अपने इलाके को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244) के तहत अधिकार देने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी जमीन और नौकरियां सुरक्षित रह सकें। वहीं, केंद्र सरकार लद्दाख को पूर्ण राज्य बनाने के बजाय अनुच्छेद 371 के तहत कुछ विशेष अधिकार देना चाहती है। सोनम वांगचुक का कहना है कि बिना चुनी हुई विधानसभा के अनुच्छेद 371 का फायदा जनता तक नहीं पहुंच सकता। फिलहाल लद्दाख में पूरा शासन अफसरशाही और उपराज्यपाल के हाथ में है, जिससे स्थानीय लोग असंतुष्ट हैं।
लद्दाख के पास फिलहाल इतना बजट या कमाई नहीं है कि वह पूरे राज्य का खर्च उठा सके और सरकारी कर्मचारियों को वेतन दे सके। इस समस्या का हल निकालने के लिए लद्दाख के नेताओं ने सरकार के सामने 'हाइब्रिड विधानसभा मॉडल' का रास्ता रखा है:
स्थानीय प्रतिनिधियों का मानना है कि लद्दाख की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए इसे नौकरशाही के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। अब सभी की निगाहें गृह मंत्रालय द्वारा सौंपे जाने वाले संशोधित मसौदे और 22 तारीख को दिल्ली में होने वाले अगले दौर की वार्ता पर टिकी हैं।
Updated on:
16 Oct 2026 08:54 am
Published on:
16 Oct 2026 08:34 am
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