
Sonia Gandhi
Sonia Gandhi Special Story: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi Birthday) का आज जन्मदिन है। 09 दिसंबर को वह 78 साल की हो गई हैं और अब राज्यसभा की सदस्य हैं। सोनिया गांधी के नेतृत्व में दो बार यूपीए को सरकार बनाने का मौका मिला और उन्होंने दोनों बार ही प्रधानमंत्री बनने से मना कर दिया। सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली के वेनेटो क्षेत्र के लुसियाना नामक छोटे से गांव में हुआ था। उनके पिता स्टेफिनो मायानो ने उनका नाम एंटोनिया एडविस अल्बिना मायानो रखा। किसी ने नहीं सोचा था कि यह बच्ची आगे चलकर भारतीय राजनीति का एक बड़ा चेहरा बनेगी और भारत की सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) की अध्यक्ष बनेंगी। इससे पहले की हम यह जाने की सोनिया गांधी ने आखिर क्यों प्रधानमंत्री के पद के लिए इंकार कर दिया था उससे पहले देखते है PM मोदी ने उनके जन्मदिन पर क्या शुभकामना दी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “श्रीमती सोनिया गांधी को जन्मदिन की बधाई। मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।"
सोनिया के राजनीतिक सफ़र के जिक्र के वक्त ये सवाल उठना लाजिमी है कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद क्यों ठुकराया था? वे देश की सबसे पुरानी पार्टी की कमान संभाले हुए थीं। चुनावी राजनीति में सक्रिय किसी भी बड़े नेता के लिए प्रधानमंत्री की कुर्सी सपना होती है लेकिन सोनिया ये जिम्मेदारी संभालने के लिए क्यों नहीं तैयार हुईं?
आपको बता दें की उस दौर में उनके भरोसेमंद और इस महत्वपूर्ण घटनाचक्र के चश्मदीद पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अपनी आत्मकथा (One Life Is Not Enough) में बताया की वह 17 मई 2004 दोपहर के लगभग दो बजे वे 10 जनपथ पहुंचे। परिवार से उनकी निकटता थी। उन्हें भीतर भेज दिया गया। कमरे में सोफे पर बैठी सोनिया बेचैन दिख रही थीं। मनमोहन सिंह और प्रियंका भी वहां मौजूद थे। सुमन दुबे भी वहां पहुंचे तभी राहुल वहां आए। सोनिया की ओर मुखातिब होते हुए राहुल ने कहा, “आपको प्रधानमंत्री नहीं बनना है। मेरे पिता की हत्या कर दी गई। दादी की हत्या कर दी गई। छह महीने में आपको भी मार देंगे।”
नटवर बे आगे बताया राहुल ने अपनी बात न मानने पर किसी भी हद तक जाने की धमकी दी और मां को अपने फैसले के लिए 24 घंटे का वक्त दिया। राहुल के यह कहने पर कि वे उन्हें प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से रोकने के लिए हर मुमकिन कदम उठाएंगे, परेशान सोनिया की आंखों में आसूं थे। तनाव भरे ये 15-20 मिनट बहुत मुश्किल समय के थे। मनमोहन सिंह बिल्कुल चुप थे। प्रियंका ने कहा था कि राहुल खिलाफ हैं और वे कुछ भी कर सकते हैं।
Published on:
09 Dec 2024 01:53 pm
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