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प्री-मानसून की बारिश से भीग रहे कई राज्य, राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की एंट्री का इंतजार बढ़ा

Monsoon 2026: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है, जिससे राजस्थान, दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की बारिश में देरी हो रही है।
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भारत

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Devika Chatraj

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Kanaram Mundiyar

Jun 27, 2026

Monsoon Alert

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की एंट्री ((X)

IMD Monsoon Rain Alert: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) एक बार फिर रुक गया है। पिछले तीन दिनों से इसकी उत्तरी सीमा में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों को मानसून की भरपूर बारिश का कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि कई राज्यों में प्री-मानसून की बारिश से राहत मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार तीन दिन पहले 24 जून को मानसून महाराष्ट्र को कवर करते हुए मध्यप्रदेश व गुजरात में पहुंच गया। छत्तीसगढ़ व झारखंड में भी आगे बढ़ गया, लेकिन इसके बाद कमजोर मौसम प्रणालियों के चलते मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ गई। मौसम विभाग का दावा है कि अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और अगले 3-4 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद है।

अगले सप्ताह तक आगे बढ़ेगा मानसून

आइएमडी के दो सप्ताह के एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट के अनुसार अगले सप्ताह (2 से 8 जुलाई) में ही राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ने की संभावना है। इस साल मानसून की शुरुआत केरल में तीन दिन देरी से हुई थी। इसके बाद 12 दिन तक मानसून तेलंगाना व महाराष्ट में अटका रहा। अब उत्तर-पश्चिम भारत में भी 7 से 10 दिन की देरी दिख रही है। मानसून की देरी के कारण किसानों की चिंता बढ़ रही है। आइएमडी ने पूरे सीजन के लिए सामान्य से नीचे 92 प्रतिशत वर्षा का पूर्वानुमान दिया है, जिसमें अल नीनो की भूमिका महत्वपूर्ण है। किसानों को सलाह दी गई है कि मानसून व बारिश की देरी को ध्यान में रखकर खरीफ की खेती की तैयारी करें।

प्री-मानसून से भीग रहे कई राज्य

मानसून की अरब सागर की तरफ वाली मुख्य धारा अटकी होने के बावजूद पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय सिस्टम के कारण कई राज्यों में प्री-मानसून बारिश जारी है। पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। गोवा, असम, त्रिपुरा, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में भारी बारिश हुई। पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इस सप्ताह भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश हो रही है, जिससे किसानों को राहत मिल रही है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।

अगले दो सप्ताह का पूर्वानुमान-

27 जून से 1 जुलाई (सप्ताह-1):
पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य भारत में व्यापक बारिश। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभवना। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश। पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू और भीषण लू जारी रहेगी।

2 से 8 जुलाई (सप्ताह-2):
मानसून के उत्तर भारत में तेजी से आगे बढ़ने के अनुकूल हालात। राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून पहुंचेगा। पूरे देश में वर्षा सामान्य से ऊपर रहने की संभावना। पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।