
गाजा नरसंहार पर सोनिया गांधी का बयान (फोटो- आईएएनएस)
कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने गाजा में जारी इजरायली कार्रवाई पर भारत सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। सोनिया गांधी ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखा कि गाजा में बच्चों व महिलाओं पर हो रहे बर्बर हमले की खबरें हर दिन आती है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट कह रही है कि वहां जो कुछ भी हो रहा है, वह नरसंहार है। भारत जो हमेशा से दबे-कुचले और अत्याचार पर आवाज उठा रहा है। वह इस मामले में चुप है। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार की ये चुप्पी न सिर्फ भारत के नैतिकता पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि रणनीतिक मोर्चे पर भी अलग-थलग कर रही है।
सोनिया गांधी ने अपने आर्टिकल में बताया कि संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र जांच आयोग की 94 पन्नों की रिपोर्ट में यह साफ तौर पर बताया गया है कि गाजा में इजरायली हमलों में 20 हजार से अधिक बच्चों की जानें गई हैं। गाजा में अस्पताल तबाह हो चुके हैं। 27 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार हुए। यूएन की रिपोर्ट में इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाया गया है। सोनिया गांधी ने कहा कि दुनिया के कई देश UN की रिपोर्ट को सही मान रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका ने इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में केस दर्ज कराया है, लेकिन भारत इस मामले में पूरी तरह चुप है।
कांग्रेस संसदीय दल की चीफ सोनिया गांधी ने लिखा है कि मोदी सरकार की यह चुप्पी समझ से परे है। भारत ने हमेशा से ग्लोबल साउथ के साथ खड़े होने का दावा किया है, लेकिन जब गाजा में मासूम बच्चे मर रहे हैं, तब हम चुप क्यों हैं? सोनिया गांधी ने लिखा कि गाजा की हिंद रजा नाम की बच्ची की मौत त्रासदी है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में खुलकर बोलना चाहिए था। सोनिया ने कहा कि दुनिया आज देख रही है कि भारत किस तरफ खड़ा है, न्याय की तरफ या चुप्पी की तरफ।
उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल के बीच रक्षा, सुरक्षा और तकनीकी संबंध अच्छे हैं। ये रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन क्या मासूमों की जान की कीमत पर? सोनिया गांधी ने पूछा कि क्या हमारी रणनीति इतनी कमजोर पड़ गई है कि हम गाजा के बच्चों की मौत पर भी मुंह बंद रखें? उन्होंने कहा कि अमेरिका में भी इजरायल के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं, लेकिन भारत जो कभी फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करता था। वह अब पूरी तरह से चुप है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतंत्र की जिम्मेदारी है कि वह वो इंसानियत की बात करे। अगर भारत चुप रहा तो हमें इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।
सोनिया गांधी के आर्टिकल पर राहुल गांधी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हम ऐसे समय में इजरायल के रणनीतिक दायरे में और गहरे धंसते जा रहे हैं, जब दुनिया उससे दूर हो रही है। प्रधानमंत्री का इजरायल दौरा एक हैरान करने वाले रणनीतिक फैसले के तौर पर इतिहास में दर्ज होगा।
भारतीय राष्ट्रवाद की भावना यह मांग करती है कि हम अपने उन फिलिस्तीनी भाई-बहनों के पक्ष में आवाज उठाएं जिनके बच्चों को इतनी बेरहमी से निशाना बनाया गया है। राष्ट्रीय हित का तकाज़ा है कि हम गाजा में इजरायली शासन की नरसंहार जैसी कार्रवाइयों और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में लाखों फिलिस्तीनी परिवारों को बेरहमी से बेघर करने और उनकी ज़मीन छीनने के खिलाफ वैश्विक जनमत पर प्रतिक्रिया दें।
Updated on:
27 Jun 2026 10:19 am
Published on:
27 Jun 2026 10:19 am
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