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‘भाजपा के नापाक इरादों को विपक्ष ने हरा दिया…’, चुनावी सभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर बोले राहुल गांधी

Rahul Gandhi: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा इस बिल के जरिए भारत का चुनावी नक्शा बदलना चाहती थी….

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भारत

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Saurabh Mall

Apr 18, 2026

RAHUL GANDHI

फोटो में राहुल गांधी (सोर्स: ANI)

Tamil Nadu Election 2026: 23 अप्रैल को तमिलनाडु में चुनाव होने वाले हैं। इस बीच तिरुचिरापल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर बात करते हुए, भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने सीधे कहा कि यह बिल असल में महिलाओं के अधिकार के लिए नहीं, बल्कि डिलिमिटेशन के जरिए देश का चुनावी संतुलन बदलने की कोशिश थी। उनके मुताबिक, इससे दक्षिण भारत, छोटे राज्यों और नॉर्थ ईस्ट की राजनीतिक हिस्सेदारी कम हो सकती थी। राहुल गांधी ने विपक्ष की एकजुटता को इस लड़ाई में निर्णायक बताते हुए कहा कि मिलकर इस नापाक इरादे को रोक दिया गया।

संसद में कल पास नहीं हो सका महिला आरक्षण बिल

बता दें बीते कल शुक्रवार को संसद में महिला आरक्षण बिल पर जोरदार वोटिंग हुई। कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिनमें 298 ने बिल के समर्थन में और 230 ने विरोध में वोट दिया। पहली नजर में लगा कि बिल आसानी से पास हो जाएगा, क्योंकि समर्थन में ज्यादा वोट थे। लेकिन मामला इतना आसान नहीं था।

संविधान के नियमों के मुताबिक, ऐसे बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी कम से कम 352 वोट जरूरी होते हैं। यहां ही पूरा खेल पलट गया… समर्थन के बावजूद यह आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया। नतीजा यह हुआ कि ये बिल पास नहीं हो सका और गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद की कार्यवाही भी एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जिससे सियासी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया।

इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है - इसका महिलाओं से कोई संबंध नहीं। यह बिल OBC विरोधी है, यह बिल SC-ST विरोधी है, यह बिल Anti National है - दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के खिलाफ है। हम भारत जोड़ने वाले न किसी का हक़ छिनने देंगे, न देश को बंटने देंगे।

वहीं पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा- “संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है।”

“महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं। अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं… अपील करता हूं… कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।”

“मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा… कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों। देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।”