18 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा के तीन सांसद हिरासत में, राहुल गांधी के आवास की ओर मार्च निकाल रहे थे मार्च

दिल्ली में भाजपा सांसदों का राहुल गांधी आवास तक विरोध मार्च, पुलिस ने बांसुरी स्वराज समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पास न होने पर सियासी घमासान तेज, भाजपा ने विपक्ष पर महिलाओं के अधिकार रोकने का आरोप लगाया।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Anurag Animesh

Apr 18, 2026

BJP Protest Against Congress

BJP Protest Against Congress(Image-ANI)

BJP Protest Against Congress: दिल्ली की सियासत शनिवार को थोड़ी ज्यादा गरमा गई, जब भाजपा सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए तीन सांसदों को हिरासत में ले लिया। इनमें बांसुरी स्वराज का नाम भी शामिल है। उनके साथ रक्षा खड़से और कमलजीत सहरावत समेत कई महिला नेता भी पुलिस की कार्रवाई का सामना करती नजर आईं। यह विरोध प्रदर्शन दरअसल उस संविधान संशोधन विधेयक को लेकर था, जो एक दिन पहले लोकसभा में पास नहीं हो पाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह बिल महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा हुआ था, इसलिए इसका रुकना निराशाजनक है।

राहुल गांधी दिल्ली में नहीं थे मौजूद


दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय यह विरोध हो रहा था, उस वक्त राहुल गांधी दिल्ली में मौजूद ही नहीं थे। वे तमिलनाडु में एक चुनावी सभा में व्यस्त थे। प्रदर्शन में कई बड़े चेहरे भी दिखे। हेमा मालिनी और मनोज तिवारी समेत कई सांसद और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इनके साथ दिल्ली भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल रहे। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, लेकिन हालात जल्दी काबू में आ गए।

हेमा मालिनी भी प्रदर्शन में


हेमा मालिनी ने मौके पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बिल को पास कराने के लिए काफी मेहनत की थी। लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं को उनका हक देने के लिए तैयार नहीं है। अगर इस विधेयक की बात करें, तो इसमें 2029 से महिलाओं को विधायिकाओं में आरक्षण देने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव था। मतदान में 298 सांसदों ने इसके पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 ने विरोध किया। लेकिन दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट की जरूरत पूरी नहीं हो सकी, और बिल अटक गया।

पीएम ने की आलोचना


मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में संसद भवन के भीतर हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उनका कहना था कि विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौके को गंवा दिया है और इसके लिए उन्हें लंबे समय तक जवाब देना पड़ेगा। पीएम ने यहां तक कहा कि इस फैसले की राजनीतिक कीमत विपक्ष को चुकानी पड़ेगी। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रधानमंत्री का लहजा काफी सख्त था।