
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बनाया जा रहा निशाना (IANS)
Cyber Awareness: आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन और कम्युनिकेशन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रभाव और नेटवर्किंग का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। हाल के समय में कुछ खुफिया रिपोर्ट्स और सुरक्षा एजेंसियों के दावों में यह बात सामने आई है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल कथित रूप से कुछ विदेशी इंटेलिजेंस नेटवर्क्स द्वारा भर्ती और संपर्क साधने के लिए किया जा सकता है।
इन दावों के अनुसार, खासतौर पर उन युवाओं को निशाना बनाया जाता है जो रील्स बनाते हैं, ऑनलाइन लोकप्रियता बढ़ाने की कोशिश करते हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।
सूत्रों के हवाले से सामने आए दावों के अनुसार, कुछ कथित हैंडलर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी अकाउंट्स के जरिए सक्रिय रहते हैं। उनका तरीका बेहद धीरे-धीरे और योजनाबद्ध बताया जाता है। इन गतिविधियों में पहले कंटेंट पर लाइक्स, व्यूज और कमेंट्स बढ़ाकर भरोसा बनाया जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे बातचीत शुरू कर व्यक्ति को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की जाती है।
रिपोर्ट्स में सामने आए पैटर्न के अनुसार यह प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ती है। पहले फर्जी अकाउंट्स के जरिए वीडियो पर लाइक्स और एंगेजमेंट बढ़ाया जाता है। फिर फॉलोअर्स और ऑनलाइन लोकप्रियता का आकर्षण दिखाया जाता है। धीरे-धीरे निजी बातचीत शुरू कर विश्वास बनाया जाता है। इसके बाद संवेदनशील जानकारी या लोकेशन से जुड़ी डिटेल्स मांगने की कोशिश की जाती है। आखिर में पैसों या अन्य लालच का भी उपयोग किए जाने के आरोप सामने आते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया इतनी धीमी होती है कि कई बार व्यक्ति को शुरुआत में इसका अंदाजा भी नहीं लगता।
कुछ रिपोर्ट्स में एक ऐसे मामले का भी उल्लेख किया गया है जिसमें एक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश के आरोप लगे। दावों के अनुसार, सोशल मीडिया पर बढ़ती बातचीत और एंगेजमेंट के जरिए धीरे-धीरे उसे कुछ खास जानकारी जुटाने के लिए प्रभावित किया गया। हालांकि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर तथ्य जुटाने का काम करती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के विश्लेषण के मुताबिक, यह पैटर्न पहले के कथित इन्फ्लुएंसर नेटवर्क से मिलता-जुलता हो सकता है, लेकिन इसमें एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। अब बड़े सोशल मीडिया स्टार्स की जगह छोटे रील क्रिएटर्स को ज्यादा टारगेट किया जाने का दावा किया जा रहा है। इसका कारण यह माना जाता है कि छोटे क्रिएटर्स जल्दी एंगेजमेंट और ग्रोथ से प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनजान अकाउंट्स से बढ़ी हुई एंगेजमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होती। निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी जांच जरूरी है। ऑनलाइन बातचीत में जल्द भरोसा बनाना जोखिम भरा हो सकता है।
Updated on:
28 May 2026 03:37 pm
Published on:
28 May 2026 03:37 pm
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