
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (इमेज सोर्स: एक्स ANI)
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दोपहर 3 बजे गवर्नर के ऑफिस में अपना इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस हाई कमांड के फैसले के बाद अब डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह बदलाव 2028 के चुनावों को देखते हुए पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पहले गुरुवार सुबह सिद्धारमैया ने सभी मत्रियों के साथ मीटिंग की, जिसमें कहा कि पार्टी हाई कमांड ने उन्हें नई लीडरशिप की राह देने को कहा है। उन्होंने डीके शिवकुमार का नाम अगले सीएम के तौर पर घोषित किया और सबको एकजुट रहने की अपील की।
मंत्रियों ने भावुक होकर उनका अभिवादन किया। डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
सिद्धारमैया का जन्म 3 अगस्त 1947 को मैसूर जिले के एक छोटे से गांव सिद्धारमाना हुंडी में किसान परिवार में हुआ। कुरुबा समुदाय से आने वाले वे घर की गरीबी के बावजूद पढ़े-लिखे। मैसूर यूनिवर्सिटी से बीएससी और एलएलबी की डिग्री ली।
वकालत शुरू की, लेकिन जल्दी ही किसान आंदोलन और सामाजिक न्याय की लड़ाई में कूद पड़े। 1983 में पहली बार चामुंडेश्वरी सीट से विधायक बने।
जनता दल, जेडीएस के बाद 2006 में वह कांग्रेस में शामिल हुए। पहली बात सिद्धारमैया साल 2013 में मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
सिद्धारमैया AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित) फॉर्मूले के बड़े समर्थक रहे। उनके कार्यकाल में 'गारंटी योजनाएं' गरीबों के बीच काफी लोकप्रिय हुईं।
ADR रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धारमैया की कुल संपत्ति 51 करोड़ रुपये के आसपास है। इसमें करीब 21 करोड़ चल संपत्ति और 30 करोड़ से ज्यादा अचल संपत्ति शामिल है। इससे पहले वे देश के तीसरे सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में शुमार थे। उन पर 13 मुकदमे दर्ज हैं।
ज्यादातर पुराने मामले सार्वजनिक संपत्ति नुकसान, चुनावी और अन्य धाराओं के हैं। सबसे ज्यादा चर्चा MUDA लैंड स्कैम की हुई, जिसमें उनकी पत्नी को प्लॉट आवंटन का मामला सामने आया।
ईडी ने इस मामले में कई संपत्तियों पर कार्रवाई की। इस मामले को भाजपा ने कई बार इस्तीफे की मांग की, लेकिन सिद्धारमैया ने हमेशा आरोपों से इनकार किया और कहा कि ये राजनीतिक साजिश है।
कांग्रेस में लंबे समय से लीडरशिप चेंज की अटकलें चल रही थीं। हरियाणा चुनावों के बाद हाई कमांड ने फैसला लिया। सिद्धारमैया 78 साल के हो चुके हैं। पार्टी अब डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई ऊर्जा और स्थिरता के साथ 2028 के विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है।
डीके शिवकुमार लंबे समय से CM पद के दावेदार रहे हैं। वे वित्त, बेंगलुरु विकास जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं। उनका स्वभाव मजबूत संगठनकारी माना जाता है।
सिद्धारमैया कर्नाटक की राजनीति के दिग्गज नेता रहे। MUDA विवाद ने आखिरी दिनों में उनकी छवि पर असर जरूर डाला, लेकिन उनका जनाधार अभी भी मजबूत है
Updated on:
28 May 2026 04:05 pm
Published on:
28 May 2026 04:00 pm
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