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होर्मुज में फंसे 15 भारतीय जहाज जल्द भारत वापस आएंगे, भारत सरकार ने बताया प्लान

Iran Israel America War: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत सरकार होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 15 भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास में जुटी है। ‘जग विक्रम’ एलपीजी टैंकर कांडला पहुंचने वाला है, जबकि 2,177 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 13, 2026

Strait of Hormuz

Strait of Hormuz(AI Image-ChatGpt)

Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रही है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित वापस लाने के लिए बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। सोमवार को हुई एक प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने साफ कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, वहां मौजूद भारतीय जहाजों को तुरंत वापस लाया जाएगा। फिलहाल उस इलाके में 15 भारतीय झंडे वाले और भारतीय स्वामित्व वाले जहाज मौजूद हैं।

जग विक्रम जल्द पहुंच सकता है भारत


इस तनावपूर्ण माहौल के बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग विक्रम’ जल्द ही गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है। यह जहाज करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है और इसमें 24 नाविक सवार हैं। बताया जा रहा है कि इसने 11 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था और 14 अप्रैल तक कांडला पहुंचने की संभावना है। खास बात यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच घोषित 14 दिन के युद्धविराम के बाद यह इस रास्ते से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है।

नाविकों की सुरक्षा का दिया भरोसा


सरकार ने नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी भरोसा दिलाया है। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। मंत्रालय के मुताबिक अब तक 2,177 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें से 93 नाविक सिर्फ पिछले एक दिन में लौटे हैं। मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ संपर्क में है। कोशिश यही है कि न सिर्फ जहाज सुरक्षित रहें, बल्कि नाविकों का मनोबल भी बना रहे।

स्थिति में बहुत सुधार


एक और प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि जो बैकलॉग बना था, उसका लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अब क्लियर कर दिया गया है। यानी जो जहाज और कार्गो फंसे हुए थे, वे अब धीरे-धीरे अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। सरकार का दावा है कि अब जहाजों की आवाजाही लगभग सामान्य हो चुकी है। हालांकि, राहत के बावजूद सतर्कता बरती जा रही है। मंत्रालय अभी भी लगातार निगरानी कर रहा है ताकि अगर कोई नई समस्या सामने आए तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।