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बंगाल में शिक्षकों को बड़ी रियायत, Supreme Court ने दिया आदेश दिसंबर तक काम कर सकेंगे शिक्षक

Bengal Teacher Scam: पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को 31 दिसंबर 2025 तक अपने स्कूलों में पढ़ाने का आदेश दिया।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 17, 2025

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने उन शिक्षकों को राहत दी है, जिनकी नौकरियां अप्रैल में रद्द की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि बिना किसी अनियमितता के नियुक्त हुए (अनटेंटेड) शिक्षक 31 दिसंबर 2025 तक अपने स्कूलों में पढ़ाना जारी रख सकते हैं। यह फैसला छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

31 मई तक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि SSC को 31 मई तक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना होगा और 31 दिसंबर तक पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अगर यह समयसीमा पूरी नहीं हुई, तो कोर्ट सख्त कदम उठा सकता है, जिसमें जुर्माना भी शामिल हो सकता है।

25 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नौकरी रद्द

यह राहत केवल शिक्षकों के लिए है, गैर-शिक्षण कर्मचारियों (ग्रुप C और D) पर यह लागू नहीं होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतरिम व्यवस्था है ताकि स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारू रहे। पश्चिम बंगाल में करीब 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नौकरियां 3 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद रद्द हो गई थीं, जिसमें 2016 की भर्ती प्रक्रिया को "दूषित और धोखाधड़ी से भरा" करार दिया गया था।

सोशल मीडिया पर चर्चा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस फैसले की खूब चर्चा है। कई यूजर्स ने इसे शिक्षकों के लिए बड़ी जीत बताया और कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा। पश्चिम बंगाल सरकार और SSC अब इस आदेश के तहत तेजी से काम शुरू करने की तैयारी में हैं। सरकार ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करने की बात कही थी, लेकिन इस अंतरिम राहत से शिक्षकों को तत्कालिक सहायता मिलेगी।

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